
Priya Marathe Passes Away (photo-insta @priyamarathe)
Priya Marathe Cancer News: कैंसर की खतरनाक बीमरी ने एक बार फिर एक एक्टर की जान ले ली। दरअसल मराठी और हिंदी धारावाहिकों में अपनी बेहतरीन अदाकारी से पहचान बनाने वाली फेमस एक्ट्रेस प्रिया मराठे का निधन हो गया है। मात्र 38 वर्ष की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। बताया जा रहा है कि प्रिया लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और लगातार इलाज करा रही थीं।
रविवार को ठाणे जिले के मीरा रोड स्थित अपने घर पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी इस बीमारी के बारे में इंडस्ट्री के बहुत कम लोगों को जानकारी थी। यही कारण है कि अचानक निधन की खबर सामने आते ही साथी कलाकारों से लेकर दर्शक तक स्तब्ध रह गए।
प्रिया मराठे का करियर मराठी टेलीविजन और फिल्मों से शुरू हुआ था। उन्होंने ‘चार दिवस सासूचे’, ‘तू तिथे मी’, ‘या सुखांनो या’, और ‘स्वराज्यरक्षक संभाजी’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया। मराठी दर्शकों के साथ-साथ हिंदी दर्शकों के बीच भी उन्होंने खास जगह बनाई। जी टीवी के सुपरहिट शो ‘पवित्र रिश्ता’ में अंकिता लोखंडे की बहन का किरदार निभाकर उन्हें घर-घर में पहचान मिली।
2012 में प्रिया ने अभिनेता शंतनु मोघे से शादी की थी, जो ‘स्वराज्यरक्षक संभाजी’ में छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभाकर लोकप्रिय हुए थे। आज प्रिया के असमय निधन से उनका परिवार, दोस्त और पूरा मनोरंजन जगत गहरे शोक में है। यह घटना एक बार फिर इस सच्चाई को उजागर करती है कि कैंसर उम्र या पहचान नहीं देखता। प्रिया मराठे जैसी युवा और प्रतिभाशाली अभिनेत्री का इतनी कम उम्र में कैंसर से जंग हार जाना, इस बीमारी की गंभीरता को सामने लाता है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना या समय रहते जांच न कराना कई बार घातक साबित हो सकता है।
डॉक्टरों का मानना है कि कैंसर के शुरुआती चरणों में अगर पहचान हो जाए तो इलाज की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में नियमित हेल्थ चेकअप, संतुलित जीवनशैली और लक्षणों को गंभीरता से लेना बेहद ज़रूरी है। प्रिया मराठे का जाना न सिर्फ मराठी और हिंदी टीवी इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है, बल्कि यह एक चेतावनी भी है कि हमें कैंसर जैसी बीमारियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसक और साथी कलाकार भावुक संदेशों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
महिलाओं में कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। स्तन या बगल में गांठ, निप्पल से असामान्य तरल निकलना, पीरियड्स के बीच रक्तस्राव और पेल्विक दर्द चेतावनी संकेत हो सकते हैं। पेट में लगातार सूजन, भूख कम लगना, मल में खून आना और लगातार थकान भी कैंसर के शुरुआती लक्षण हैं। तिल,मस्से का रंग-आकार बदलना या न भरने वाला घाव भी संकेत हो सकता है। समय पर जांच और नियमित हेल्थ चेकअप से कैंसर को शुरुआती अवस्था में रोका और इलाज किया जा सकता है।
Updated on:
31 Aug 2025, 12:25 PM IST
Published on:
31 Aug 2025, 12:20 PM IST
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