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अधिक भाई-बहन, कम खुशियां: टीनेजर्स के मानसिक स्वास्थ्य पर स्टडी का खुलासा

छोटे भाई-बहनों से तंग आने वाले किशोरों के गुस्से का शायद कोई मतलब है! हाल ही के एक अध्ययन में ये बताया गया है कि बड़े परिवारों के किशोरों की खुशियां छोटे परिवारों के बच्चों से थोड़ी कम होती हैं.

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Sibling Overload Study Links Teen Mental Health to Family Size

Sibling Overload Study Links Teen Mental Health to Family Size

बच्चों की शिकायतें कि भाई-बहन बहुत हैं, अब गलत नहीं लगती. एक नई स्टडी बताती है कि जितने ज्यादा भाई-बहन होंगे, बच्चों की खुशी उतनी ही कम होगी.

अमेरिका और चीन के मिडिल स्कूल के बच्चों पर हुए इस अध्ययन में पाया गया कि बड़े परिवारों के बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर होता है. 9,100 अमेरिकी और 9,400 चीनी बच्चों पर हुए इस अध्ययन में यह खासकर उन परिवारों में देखा गया जहां बच्चों के बीच एक साल का अंतर भी नहीं था.

अमेरिका के ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉउनी ने बताया कि पहले के अध्ययनों में मिले नतीजे मिले-जुले थे. लेकिन इस स्टडी में जो सामने आया वह नया था.

स्टडी बताती है कि जब माता-पिता का ध्यान और प्यार ज्यादा बच्चों के बीच बंटता है, तो हर बच्चे को कम मिलता है. इससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है.

साथ ही, उम्र में करीब के भाई-बहनों का भी असर होता है. हालांकि, स्टडी में यह भी बताया गया है कि और भी वजहें हो सकती हैं. जिन बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य सबसे अच्छा था, वे अक्सर आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों से थे. अमेरिका और चीन दोनों में ही एक बच्चे वाले परिवार आम हो रहे हैं.

शोधकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि एक बच्चे के परिवार में बड़े होने का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर होता है. पहले के अध्ययनों में भाई-बहनों के होने के फायदे और नुकसान दोनों बताए गए थे, जिससे बड़े परिवारों की समझ जटिल हो जाती है.