
Slipped Disc Symptoms (photo- gemini ai)
Slipped Disc Symptoms: आजकल बैक पेन यानी कमर दर्द बहुत आम हो गया है। खासकर जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या भारी काम करते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। कई बार हल्का दर्द तो सामान्य होता है, लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे या बहुत तेज हो जाए, तो यह स्लिप डिस्क का संकेत हो सकता है।
डॉ. कालिदत्ता दास, के मुताबिक, स्लिप डिस्क एक ऐसी समस्या है जो अगर समय पर इलाज न मिले, तो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर गंभीर असर डाल सकती है। स्लिप डिस्क को मेडिकल भाषा में हर्नियेटेड डिस्क भी कहा जाता है। हमारी रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) में हड्डियों के बीच एक नरम कुशन जैसा हिस्सा होता है, जिसे डिस्क कहते हैं। यही डिस्क हमें झुकने, मुड़ने और आराम से चलने-फिरने में मदद करती है। जब यह डिस्क अपनी जगह से खिसक जाती है या फट जाती है, तो पास की नसों पर दबाव पड़ता है। इससे कमर, पैर या हाथ में दर्द, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो सकती है।
डॉक्टर के मुताबिक, हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें इस समस्या को बढ़ा देती हैं। गलत तरीके से बैठना या झुककर काम करना। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना। भारी सामान गलत तरीके से उठाना। अचानक झटका लगना या गलत मूवमेंट और उम्र बढ़ने के साथ डिस्क का कमजोर होना शामिल है। भारत में 30 साल के बाद लगभग 10-15% लोगों में यह समस्या देखी जा रही है, जो एक चिंता की बात है।
अगर आपको ये लक्षण दिखें, तो नजरअंदाज न करें:
डॉ. कालिदत्ता दास के अनुसार स्लिप डिस्क सिर्फ दर्द ही नहीं देती, बल्कि आपकी पूरी दिनचर्या बिगाड़ सकती है। बैठना, चलना, सोना – सब मुश्किल हो जाता है। कई लोगों को नींद नहीं आती और धीरे-धीरे यह स्ट्रेस और चिड़चिड़ापन भी बढ़ा सकता है।
अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। सही समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए तो आराम मिल सकता है। पर्याप्त आराम करना, फिजियोथेरेपी, डॉक्टर की सलाह से दवाइयां, हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉकिंग और स्ट्रेचिंग से आराम मिल सकता है। अगर दर्द बहुत ज्यादा हो और ठीक न हो, तभी सर्जरी की जरूरत पड़ती है।
स्लिप डिस्क से बचने के लिए छोटी-छोटी आदतें अपनाएं:
Published on:
09 Apr 2026 02:42 pm
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