
No More Greenwashing: Brands Can No Longer Use “Natural” or “Organic” Without Proof
No More Greenwashing : भारत के उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने हाल ही में ग्रीनवॉशिंग (Greenwashing) और भ्रामक पर्यावरणीय दावों को रोकने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही जानकारी प्रदान करना और कंपनियों को उनके दावों के लिए उत्तरदायी बनाना है।
ग्रीनवॉशिंग (Greenwashing) एक ऐसा छलपूर्ण तरीका है जिसमें कंपनियां अपने उत्पादों या सेवाओं के पर्यावरणीय लाभों के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर या गलत दावे करती हैं। ये दावे अक्सर "प्राकृतिक," "ऑर्गेनिक," "इको-फ्रेंडली" जैसे अस्पष्ट शब्दों का उपयोग करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को धोखा दिया जाता है और वास्तविक पर्यावरणीय प्रयासों को कमजोर किया जाता है।
CCPA द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देश, "ग्रीनवॉशिंग या भ्रामक पर्यावरणीय दावों की रोकथाम और विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2024," का उद्देश्य पर्यावरणीय विपणन में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करना है। इन दिशानिर्देशों में कंपनियों से पर्यावरणीय दावों को प्रमाणित करने की उम्मीद की गई है और उन्हें ग्रीनवॉशिंग करने से रोका गया है।
दिशानिर्देशों में "पर्यावरणीय दावा" और "ग्रीनवॉशिंग" जैसे शब्दों की स्पष्ट परिभाषा दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं और व्यवसायों को इनका सही मतलब समझने में मदद मिलेगी।
दिशानिर्देशों के अनुसार, कंपनियों को ग्रीनवॉशिंग करने या भ्रामक पर्यावरणीय दावे करने से स्पष्ट रूप से मना किया गया है, जब तक कि उनके पास विश्वसनीय प्रमाण न हो। कोई भी दावा बिना साक्ष्य के मान्य नहीं माना जाएगा।
सभी पर्यावरणीय दावे विश्वसनीय वैज्ञानिक साक्ष्य या तृतीय-पक्ष प्रमाणपत्रों द्वारा समर्थित होने चाहिए। इसके साथ ही उत्पाद, उसकी निर्माण प्रक्रिया और पैकेजिंग से संबंधित उचित जानकारी का खुलासा अनिवार्य किया गया है।
"सस्टेनेबल," "नेचुरल," "ऑर्गेनिक," और "रिजेनेरेटिव" जैसे शब्दों का उपयोग तब तक नहीं किया जा सकता जब तक उनके बारे में स्पष्ट और सटीक जानकारी न दी जाए।
कंपनियों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे तृतीय-पक्ष प्रमाणन का उपयोग करें ताकि उनके पर्यावरणीय दावे अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय हो सकें। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास भी बढ़ेगा।
इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य कंपनियों को पर्यावरणीय जिम्मेदारी से हतोत्साहित करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि वे अपने दावों के प्रति ईमानदार रहें। CCPA के अनुसार, “इन दिशानिर्देशों का मुख्य लक्ष्य उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी से बचाना और व्यवसाय समुदाय में वास्तविक पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है।”
इन नए दिशानिर्देशों से जहां उपभोक्ताओं को सही और प्रमाणित जानकारी मिलेगी, वहीं व्यवसायों के लिए यह पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह कदम ग्रीनवॉशिंग जैसी धोखाधड़ी पर रोक लगाने और सही पर्यावरणीय प्रयासों को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
Published on:
16 Oct 2024 05:19 pm
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