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Sudden Death in Young Age: 18 से 45 साल के युवाओं पर मंडरा रहा ‘मौत’ का साया! AIIMS की रिपोर्ट ने उड़ाए होश

Sudden Death in Young Age: AIIMS-ICMR स्टडी में खुलासा हुआ है कि 18-45 साल के युवाओं में अचानक मौत के ज्यादातर मामले दिल की छुपी बीमारियों से जुड़े हैं।

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भारत

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Dimple Yadav

Jan 03, 2026

Sudden Death in Young Age

Sudden Death in Young Age (Photo- gemini ai)

Sudden Death in Young Age: आज के समय में युवाओं में अचानक मौत (Sudden Death) एक गंभीर पब्लिक हेल्थ चिंता बनती जा रही है। हाल ही में AIIMS दिल्ली और ICMR की एक स्टडी, जो Indian Journal of Medical Research में छपी है, बताती है कि अचानक मौत के 50% से ज्यादा मामले 18 से 45 साल के लोगों में सामने आए हैं। इनमें पुरुषों की संख्या महिलाओं से कहीं ज्यादा पाई गई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन लोगों की अचानक मौत हुई, उनमें से ज्यादातर बाहर से पूरी तरह स्वस्थ दिखते थे। लेकिन पोस्टमार्टम में पता चला कि उनकी मौत की वजह दिल से जुड़ी छुपी हुई बीमारियां थीं, जैसे जन्म से दिल की बनावट में गड़बड़ी, हार्ट मसल की कमजोरी या दिल की धड़कन से जुड़ी समस्याएं।

अचानक मौत क्या होती है?

स्टडी के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की मौत लक्षण शुरू होने के एक घंटे के भीतर हो जाए (और अगर कोई गवाह न हो तो आखिरी बार जिंदा देखे जाने के 24 घंटे के अंदर), तो उसे अचानक मौत कहा जाता है। यह किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन पहले इसे बुजुर्गों और छोटे बच्चों से ज्यादा जोड़ा जाता था। अब यह खतरा युवाओं में भी तेजी से दिख रहा है।

स्टडी में क्या सामने आया?

AIIMS में मई 2023 से अप्रैल 2024 के बीच 2,214 पोस्टमार्टम किए गए। इनमें से 180 मामले अचानक मौत के थे। इनमें 58% मौतें 18-45 साल के युवाओं में हुईं। औसतन उम्र करीब 33 साल थी और पुरुषों की संख्या महिलाओं से चार गुना ज्यादा रही।ज्यादातर मौतें घर पर या रात और सुबह के समय हुईं। मरने से पहले सबसे आम लक्षण थे। अचानक बेहोश होना, सीने में दर्द, उल्टी या पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी।

दिल की बीमारी सबसे बड़ा कारण

युवाओं में अचानक मौत के करीब दो-तिहाई मामले दिल से जुड़े पाए गए। कई मामलों में दिल की बीमारी पहले कभी पकड़ में ही नहीं आई थी। कुछ युवाओं को डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर था, लेकिन बहुत से लोग बिना किसी पुरानी बीमारी के थे।

एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं?

प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेश त्रेहन के मुताबिक, अगर परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक या दिल की बीमारी रही हो, तो 25 साल से पहले ही दिल की पूरी जांच करवा लेनी चाहिए। वहीं, जिन लोगों को लगता है कि वे पूरी तरह फिट हैं, उन्हें भी 30 साल तक एक बेसिक हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए। आजकल 5-10 हजार रुपये में होने वाले हेल्थ चेकअप से कोलेस्ट्रॉल, शुगर, ब्लड प्रेशर और दिल के खतरे पहचाने जा सकते हैं। समय पर जांच, सही लाइफस्टाइल और जागरूकता ही युवाओं में अचानक मौत को रोकने का सबसे मजबूत तरीका है।