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सुजोक थैरेपी सर्दी-जुकाम में कारगर चुंबक, बीजों से होता मरीजों का इलाज

सुजोक शब्द कोरियाई भाषा से संबंधित है। यह दो शब्दों के योग से मिलकर बना है सु+जोक। सु का अर्थ है हाथ तथा जोक का अर्थ है पैर।

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सुजोक थैरेपी सर्दी-जुकाम में कारगर चुंबक, बीजों से होता मरीजों का इलाज

सुजोक थैरेपी सर्दी-जुकाम में कारगर चुंबक, बीजों से होता मरीजों का इलाज

सुजोक एक्यूप्रेशर स्व-उपचार की एक अत्यन्त सहज एवं सरल चिकित्सा विधि है। इसमें हाथों एवं पैरों के निश्चित बिन्दुओं पर दबाव देकर उपचार किया जाता है। इसमें तन तथा मन दोनों की साधारण एवं गंभीर बीमारियों का उपचार होता है।
पंचभौतिक सिद्धांत
जैसे हमारा शरीर पंचतत्व- वायु, अग्नि, पृथ्वी, आकाश एवं जल से बना है। उसी तरह से शरीर में पांच मुख्य अंग भी हैं। इनमें लिवर, हृदय, तिल्ली, फेफड़े एवं गुर्दे शामिल हैं। सुजोक में इनका संतुलन सही करके ही पूरे शरीर को स्वस्थ रखा जाता है।
इनसे होता है इलाज
इसमें सुई, चुंबक, बीज, लेजर, मॉक्सा हर्ब आदि से इलाज किया जाता है। अधिकांश मामलों में बीज या छोटे चुम्बक को समस्या से संबंधित जोड़ या क्षेत्र में टेप से चिपकाते हैं।
इनमें कारगर
गठिया, दमा, बंद नाक, कब्ज, एसिडिटी, मधुमेह, स्लिप डिस्क, माइग्रेन, साइनस, हाई बीपी, पेट के रोग, अनिद्रा, आंखों से जुड़ी बीमारियां, नाड़ी दोष आदि में कारगर है।
डॉ. पीयूष त्रिवेदी, एक्यूप्रेशर एक्सपर्ट