
क्या आप जानते हैं कि गलत खानपान आपके दोषों में असंतुलन पैदा करता है, जो बदले में बीमारियों का कारण बन सकता है। बदलते मौसम यानी गर्मी में आप अपने दोष को कैसे संतुलित कर सकते हैं और किस तरह का खानपान आपको रहना चाहिए, इसके लिए आयुर्वेद से टिप्स लेना चाहिए।
Health Problem in summer due to dosha- गर्मी में शरीर के दोष के कारण होने वाली परेशानियां
गर्मियों में पेट से जुड़ी परेशानी होने के पीछे एक नहीं, कई वजहें होती हैं। पहला यदि शरीर की प्रकृति के विपरीत भोजन किया जाए तो वह नुकसानदायक साबित होता है। वहीं, गर्मी में बासी या अनहाइजैनिक खाने और पीने से भी बीमारियां होती हैं। इसलिए यहां आपको आयुर्वेद का वो मूल मंत्र दे रहे हैं जो आपको बीमारी से बचाएं और आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करें।
Common diseases caused by heat- गर्मी से होने वाली बीमारियां
गर्मी के मौसम में जब सूर्य अधिक तीव्र होता है और हवा शुष्क होती है तो इससे शरीर में डिहाइड्रेशन, थकावट, सुस्ती, सूखापन और ऊर्जा की कमी होने लगती है। कफ दोष के कारण शक्ति और एक्टिविटी कम हो जाती है और वात दोष धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। फूड प्वाइजनिंग, लू लगना, हिट स्ट्रोक आदि खानपान में गलती के कारण ज्यादा होता है।
गर्मी में मीठी चीजों का सेवन करना चाहिए क्योंकि इससे वात शांत होती है और कफ को पोषण देने में मदद मिलती है। इस गर्मी में अपने दोषों को संतुलित करने के लिए आप अपने आहार में कुछ बदलाव कर सकते हैं।
food according to ayurveda in summer -गर्मियों में आयुर्वेद के अनुसार ऐसा रखें खानपान
तो गर्मी में खुद को रखना हैं स्वस्थ और बीमारियों से दूर तो आयुर्वेद के इन नियमों का पालन जरूर करें।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
Updated on:
06 Apr 2022 12:19 pm
Published on:
06 Apr 2022 12:18 pm
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