
Endometriosis in women
‘एंडोमेट्रियोसिस’ महिलाओं में नि:संतानता का बड़ा कारण बन रहा है। इससे गर्भाशय में टिश्यू की असामान्य बढ़ोतरी होने लगती है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (एनसीबीआई) की रिपोर्ट के अनुसार 30 से 50 प्रतिशत महिलाएं इस समस्या से ग्रसित है। यह बच्चेदानी में होने वाली एक समस्या है, जिसके कारण महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कत होती है। एक हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार भारत में एंडोमेट्रियोसिस स्वास्थ्य संबंधी एक नया मुद्दा है, जो कम वर्षों में महिलाओं में बेहद आम हो गया है।
इस कारण समस्या
इस स्थिति में महिला के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोरोन के साथ संतुलन नहीं होता और एस्ट्रोजन बढ़ जाता है। एंडोमेट्रियम टिश्यू जब गर्भाशय के बाहर शरीर के अन्य भागों में विकसित होने लगते हैं, तब महिलाओं को काफी दर्द होता है। यह समस्या आनुवंशिक, मासिक धर्म जल्दी आने, एस्ट्रोजन हार्मोन की अत्यधिक मात्रा और इम्यून संबंधी परेशानियों के कारण होती है।
ऐसे मामले आ रहे सामने
समीक्षा (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उन्हें काफी दिनों से पेल्विक दर्द था। अनियमित माहवारी, अत्यधिक थकान के साथ लो-बीपी की समस्या रहने लगी। डॉक्टर ने बताया कि उन्हें एंडोमेट्रियोसिस है।
बढ़ रही चॉकलेट सिस्ट की समस्या
जिन महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस की समस्या होती है, उन्हें मासिक धर्म के दौरान पेल्विक दर्द का भी सामना करना पड़ता है। इसके टिश्यू ब्लेडर तक फैल जाएं तो महिलाओं को शौच में भी दिक्कत होती है। शहर में रोजाना ऐसे 3 से 5 नए मामले आ रहे हैं। यह टिश्यू ओवरी में विकसित होने लगते हैं तो महिलाओं के शरीर में चॉकलेट सिस्ट बन जाता है। सिस्ट को ऑपरेशन से निकाला जाता है।
Published on:
07 Oct 2023 02:14 pm
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