
Deadly Cancer found in India : ये 5 जानलेवा कैंसर छीन रहे हैं सबसे ज़्यादा जानें(फोटो सोर्स : Freepik)
Deadly Cancer found in India : भारत में कैंसर एक बड़ी और चिंताजनक समस्या है। कई तरह के कैंसर लोगों की जान ले रहे हैं, लेकिन कुछ ऐसे हैं जो दूसरों की तुलना में ज्यादा घातक साबित होते हैं। भारत में कैंसर एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। साल 2022 में ही लगभग 14.61 लाख नए कैंसर के मामले सामने आए, जो वाकई चिंताजनक आंकड़ा है।
भारत में कैंसर के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) - राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (NCRP) के आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2024 तक कैंसर के अनुमानित मामले इस प्रकार हैं:
2022 में: लगभग 14.61 लाख (1,461,427) नए कैंसर के मामले सामने आए।
2023 में: यह संख्या बढ़कर लगभग 14.96 लाख (1,496,972) हो गई।
2024 के लिए: अभी तक पूरे साल के सटीक आंकड़े जारी नहीं हुए हैं, लेकिन ICMR-NCRP के अनुमानों और रुझानों के आधार पर, यह संख्या और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। कुछ रिपोर्टों में 2024 में भी मामलों में वृद्धि जारी रहने की बात कही गई है।
50 से पहले ही क्यों बढ़ रहा है Cancer
यह कैंसर भारत में सबसे जानलेवा माना जाता है, खासकर पुरुषों में। इसका सबसे बड़ा कारण धूम्रपान (सिगरेट, बीड़ी) है। लेकिन जो लोग धूम्रपान नहीं करते, उन्हें भी प्रदूषण और सेकेंड-हैंड स्मोक (दूसरों के धुएं के संपर्क में आना) से खतरा हो सकता है। इसके लक्षणों में लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत, बलगम में खून आना और आवाज़ में बदलाव शामिल हैं। अक्सर इसका पता तब चलता है जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है।
2022 में, इसे पुरुषों में सबसे ज़्यादा होने वाले कैंसर में से एक बताया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, हर साल करीब 70,000 मामले (पुरुषों में 54,000 और महिलाओं में 17,000) सामने आते थे। यह कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।
यह भी भारत में एक बहुत ही आम और जानलेवा कैंसर है, खासकर तंबाकू चबाने और शराब के सेवन से इसका खतरा बढ़ जाता है। गुटखा, पान मसाला जैसी चीजें इसके मुख्य कारण हैं। अगर आपके मुंह में कोई ऐसा घाव है जो ठीक नहीं हो रहा, सफेद या लाल धब्बे दिख रहे हैं, या मुंह खोलने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। पुरुषों में यह काफी देखने को मिलता है।
यह लगातार भारत में पुरुषों में सबसे आम कैंसर बना हुआ है।
पहले हर साल करीब 77,003 नए मामले दर्ज किए जाते थे।
महिलाओं में सबसे आम कैंसर स्तन कैंसर है, और यह भी काफी घातक हो सकता है। देर से शादी, कम बच्चे पैदा करना, स्तनपान न कराना, और बदलती जीवनशैली इसके कुछ कारण माने जाते हैं। समय पर मैमोग्राफी (स्तन की जांच) और खुद से स्तन की जांच करके इसे जल्दी पकड़ा जा सकता है, जिससे इलाज की संभावना बढ़ जाती है।
यह भारत में महिलाओं में सबसे आम कैंसर है। 2022 में भी महिलाओं में यह कैंसर सबसे ऊपर था।
पहले हर साल करीब 1,44,937 नए मामले दर्ज किए जाते थे।
यह भी महिलाओं में होने वाला एक और आम और जानलेवा कैंसर है, जो गर्भाशय ग्रीवा (बच्चेदानी के निचले हिस्से) में होता है। यह ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) नाम के वायरस के संक्रमण से होता है। इसकी रोकथाम के लिए टीकाकरण और नियमित जांच (पैप स्मीयर टेस्ट) बहुत ज़रूरी हैं।
यह महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का तीसरा सबसे बड़ा कारण है।
पहले हर साल करीब 1,23,000 नए मामले सामने आते थे।
मौतों की बात करें तो, ICMR-NCRP के आंकड़ों के अनुसार 2022 में सर्वाइकल कैंसर से अनुमानित 34,806 मौतें हुईं, जो 2023 में बढ़कर 35,691 हो गईं।
ये दोनों भी भारत में काफी घातक कैंसर हैं। पेट का कैंसर अक्सर मसालेदार खाने, खराब खाने की आदतों और कुछ बैक्टीरियल इन्फेक्शन से जुड़ा हो सकता है। कोलोरेक्टल कैंसर बड़ी आंत को प्रभावित करता है और अक्सर 50 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों में देखा जाता है। खराब खानपान, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी भी इसके कारण हो सकते हैं।
लिवर कैंसर भी तेजी से जानलेवा साबित हो रहा है। शराब का ज्यादा सेवन, हेपेटाइटिस बी और सी जैसे वायरस का संक्रमण, और मोटापा इसके मुख्य कारण हैं।
2022 में, इसे पुरुषों में सबसे ज़्यादा होने वाले कैंसर में से एक बताया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, हर साल करीब 70,000 मामले (पुरुषों में 54,000 और महिलाओं में 17,000) सामने आते थे। यह कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।
लिवर कैंसर का योगदान भी काफी है। ICMR की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में कुल कैंसर बीमारी के मामलों में इसकी हिस्सेदारी 4.6% थी।
भारत में फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हो रहे हैं। इन सभी कैंसर से बचाव के लिए धूम्रपान और तंबाकू का सेवन छोड़ना, शराब का सेवन कम करना, स्वस्थ खानपान अपनाना और नियमित रूप से जांच करवाते रहना बहुत ज़रूरी है। जितनी जल्दी कैंसर का पता चलता है, उसके इलाज की संभावना उतनी ही बेहतर होती है। अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना और लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करना ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।
Published on:
10 Jun 2025 03:48 pm
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