
शिशु रहे तंदुरुस्त, ऐसे बचाएं संक्रमण से
इनकी अनदेखी न करें
नवजात लगातार खांस रहा है, ज्यादा समय से बुखार, सुस्त है, दूध नहीं पी रहा है, शरीर नीला या सफेद पड़ रहा है। किसी तरह का दौरा पड़ रहा है, शरीर का तापमान 35.5 से 38 डिग्री सेल्सियस (98.6 फैरेनहाइट) से कम या ज्यादा, शरीर ठंडा, सांस लेने में परेशानी, सांस की गति तेज होने, पसलियां अंदर की ओर धंस रही हैं, पलते दस्त बार-बार हो रहे हैं या फिर शिशु कराह रहा है तो इन संकेतों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।
क्रीम, पाउडर, साबुन से बचें
शिशुओं को ज्यादा कैमिकल वाली चीजें जैसे साबुन, शैंपू, क्रीम लगाने से बचें। त्वचा रूखी हो जाती है।
सर्दी से ऐसे बचाएं
घर को गर्म रखें। बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं। धुएं वाली चीजें न जलाएं।
सर्दी में शिशु के कपड़े दो बार बदलें। सोते समय उसके ऊपर ज्यादा भारी-कंबल या रजाई न डालें। इससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
गुनगुने तेल से ही मालिश करें।
सुलाने से पहले सावधानी से हॉट वॉटर बोतल से बिस्तर को गर्म करें।
शिशुओं को पूरी सर्दी ऊनी कपड़े पहनाएं। हल्की ठंड को भी नजरअंदाज ना करें। मोजे भी पहना कर रखें।
छह माह से छोटे शिशुओं को मां का दूध और इससे बड़ों को विशेषज्ञ की सलाह से समय पर डाइट भी देते रहें।
Published on:
17 Jan 2020 01:55 pm
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