
सकारात्मक सोच से घटता है अल्जाइमर का दुष्प्रभाव
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, अमरीका की ओर से 50 वर्ष अधिक उम्र के पुरुषों में होने वाली 10 प्रमुख बीमारियों की सूची जारी की गई है। इसमें अल्जाइमर भी है। देश में इसके रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जानते हैं कि कैसे बचाव करें।
अल्जाइमर मस्तिष्क में प्रोटीन की संरचना में गड़बड़ी के कारण होने वाला रोग है। मस्तिष्क में टाऊ प्रोटीन की अधिकता के कारण यह होता है। कम नींद से यह प्रोटीन ज्यादा प्रभावित होता है। इसकी आशंका अधिक हो जाती है। उम्र बढऩे के साथ यह परेशानी बढऩे लगती है। इससे मरीज की याद्दाश्त में धीरे-धीरे कमी आने लगती है। रात में नींद न आना, आंखों की रोशनी कम होना, छोटे-छोटे कामों को करने में दिक्कत, परिजनों को पहचानने में समस्या, कुछ भी याद करने, सोचने और निर्णय लेने की क्षमता का घटना, डरे रहना और डिप्रेशन इसके मुख्य लक्षण हैं। हाल की कई रिसर्च में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि जो लोग सकारात्मक सोच रखते हैं उनमें अल्जाइमर का खतरा घटता है।
अभी तक इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं है लेकिन जीवनशैली में बदलाव कर इससे बचाव किया जा सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल, फैटी और शुगर वाली डाइट से इसका खतरा बढ़ता है।
नियमित रूप से शारीरिक व मानसिक व्यायाम करें। हैल्दी डाइट लें। फल-सब्जियां ज्यादा खाएं। साबुत अनाज ज्यादा मात्रा में खाएं। चीनी और नमक कम मात्रा में खाएं। वजन नियंत्रित रखें और पानी ज्यादा पीएं। लोगों से मिलना-जुलना चाहिए, जिससे डिप्रेशन न हो। पर्याप्त नींद लें। कोई भी नशा न करें। ब्लड प्रेशर व शुगर है तो उसे नियंत्रित रखें।
Published on:
22 Oct 2020 05:23 pm
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