
Why do platelets decrease in dengue
Home remedies to increase platelets : आपने शायद सुना होगा कि डेंगू (Dengue) होने पर प्लेटलेट्स (Platelets) कम हो जाती हैं. प्लेटलेट्स छोटी ब्लड सेल्स होती हैं जो खून को जमाने में मदद करती हैं. तो आइए जानते हैं डेंगू में प्लेटलेट्स (Platelets कम क्यों हो जाती हैं:
गौर करने वाली बात ये है कि ज्यादातर मामलों में डेंगू (Dengue) से जुड़ी हुई प्लेटलेट्स (Platelets की कमी कुछ समय बाद ही ठीक हो जाती है. लेकिन अगर आपको डेंगू है और प्लेटलेट्स बहुत कम हैं तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें.
मलेरिया में भी कभी-कभी प्लेटलेट्स कम हो सकती हैं. ये डेंगू जैसा ही होता है, लेकिन मलेरिया का कारण परजीवी होता है वायरस नहीं. प्लेटलेट्स कम होने के कारण भी काफी हद तक डेंगू से मिलते जुलते हैं.
अगर आपको मलेरिया है और प्लेटलेट्स कम होने का शक है तो डॉक्टर से जांच करवाएं.
प्लेटलेट्स बढ़ाने केडॉक्टरी इलाज:
प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन: अगर प्लेटलेट्स बहुत कम हैं और खून बहने का खतरा है, तो डॉक्टर प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन कर सकते हैं.
दवाएं: कुछ दवाएं अस्थि मज्जा को ज्यादा प्लेटलेट्स बनाने में मदद कर सकती हैं.
इम्युनोग्लोबिन: यह दवा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करके प्लेटलेट्स के टूटने को रोक सकती है.
पौष्टिक आहार: विटामिन K, B12, फोलेट और आयरन से भरपूर आहार लें. हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, दालें, अंडे, मछली और मांस आदि प्लेटलेट्स बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं.
तरल पदार्थ: खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं. इससे शरीर हाइड्रेटेड रहेगा और रक्त का संचार बेहतर होगा.
विश्राम: पर्याप्त आराम करें और तनाव कम करें.
हल्दी: हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. आप दूध में हल्दी मिलाकर पी सकते हैं या फिर हल्दी पाउडर को पानी या शहद के साथ ले सकते हैं.
पपीता: पपीते में पपीताइन नामक एंजाइम होता है जो प्लेटलेट्स के निर्माण में मदद कर सकता है. रोजाना पपीता खाने से प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ सकती है.
अनार: अनार में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं और प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करते हैं.
चुकंदर: चुकंदर में आयरन और फोलेट होता है जो रक्त निर्माण में मदद करते हैं.
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
26 Apr 2024 02:55 pm
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