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Women Ignore Pain: क्या आप भी हर दर्द को नॉर्मल मानकर सह रही हैं? ये हो सकता है साइलेंट हार्ट अटैक का सिग्नल!

Women Ignore Pain: कई महिलाएं दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जानिए समय पर इलाज क्यों जरूरी है।

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भारत

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Dimple Yadav

Feb 21, 2026

Women Ignore Pain

Women Ignore Pain (Photo- gemini ai)

Women Ignore Pain: अक्सर दर्द को हम शरीर का एक संकेत मानते हैं कि कुछ ठीक नहीं है। लेकिन कई महिलाएं दर्द को सहने की आदत डाल लेती हैं और इलाज कराने में देर कर देती हैं। बाहर से यह उनकी सहनशक्ति या मजबूती लग सकती है, लेकिन लंबे समय में यह उनकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

महिलाओं की जिंदगी में दर्द नॉर्मल माना जाता है

बचपन से ही कई महिलाओं को सिखाया जाता है कि कुछ दर्द जीवन का हिस्सा है। पीरियड्स का दर्द, प्रेग्नेंसी, हार्मोनल बदलाव या मेनोपॉज इन सबको सामान्य कहा जाता है। बार-बार दर्द झेलने से आदत बन जाती है कि नया दर्द भी सामान्य ही लगता है। जैसे पेट दर्द को साधारण क्रैम्प समझ लेना। थकान को काम का दबाव मान लेना। सीने की हल्की तकलीफ को गैस समझ लेना। इसी सोच की वजह से डॉक्टर के पास जाने में देर हो जाती है, और तब तक बीमारी बढ़ चुकी होती है।

समाज की सोच भी जिम्मेदार है

समाज अक्सर महिलाओं से उम्मीद करता है कि वे मजबूत रहें, सब संभालें और शिकायत न करें। कई महिलाएं परिवार और काम को अपनी सेहत से ऊपर रखती हैं। कुछ महिलाएं यह भी सोचती हैं कि अगर वे दर्द की शिकायत करेंगी तो लोग उन्हें ओवररिएक्ट कहेंगे। इसलिए वे चुपचाप दर्द सहती रहती हैं, दवा खुद लेती हैं और जांच टालती रहती हैं। इससे असली बीमारी का पता ही नहीं चल पाता।

शरीर की बनावट भी असर डालती है

महिलाओं के शरीर में हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दर्द महसूस करने के तरीके को प्रभावित करते हैं। इसलिए कभी दर्द ज्यादा महसूस होता है, कभी कम। कुछ बीमारियां महिलाओं में ज्यादा आम हैं, जैसे माइग्रेन, फाइब्रोमायल्जिया या ऑटोइम्यून समस्याएं। जब दर्द बार-बार होता है, तो वह नॉर्मल लगने लगता है, लेकिन अंदर ही अंदर शरीर को नुकसान पहुंचता रहता है।

हार्ट डिजीज एक खतरनाक उदाहरण

दिल की बीमारी को अक्सर पुरुषों की समस्या माना जाता है, लेकिन महिलाओं में भी यह मौत का बड़ा कारण है। फर्क बस इतना है कि महिलाओं में लक्षण अलग होते हैं। ज्यादा थकान, सांस फूलना, मतली, जबड़े या पीठ में दर्द, सीने में हल्का दबाव क्योंकि ये लक्षण हल्के लगते हैं, महिलाएं इन्हें नजरअंदाज कर देती हैं। इलाज में देरी से दिल को ज्यादा नुकसान हो सकता है।

स्त्री रोगों को भी अक्सर नजरअंदाज किया जाता है

कई महिलाएं पेल्विक दर्द को सिर्फ पीरियड्स का दर्द समझती हैं, जबकि इसके पीछे गंभीर कारण हो सकते हैं। लंबे समय तक दर्द को नजरअंदाज करने से फर्टिलिटी पर असर पड़ सकता है या इलाज ज्यादा जटिल हो सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर

लगातार दर्द सिर्फ शरीर ही नहीं, दिमाग को भी प्रभावित करता है। नींद खराब होती है, तनाव बढ़ता है, चिंता और डिप्रेशन का खतरा बढ़ता है। धीरे-धीरे दर्द और तनाव का एक खराब चक्र बन जाता है। दर्द शरीर का मैसेज है कि ध्यान देने की जरूरत है। अगर समय पर जांच हो जाए तो इलाज आसान होता है और गंभीर नुकसान से बचाव होता है।