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बैठे-बैठे काम करने से बढ़ता है हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर का खतरा

हाल के कई रिसर्च बताते हैं कि जो लोग रोज 7-8 घंटे बैठकर जॉब करते हैं उनमें न केवल ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, मोटापा बल्कि एथेरोस्क्लेरोसिस और डीप वेन थ्रोम्बोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
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जयपुर

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Manoj Vashisth

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Updated: 12 Oct 2023, 10:29 AM IST

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Health News : हाल के कई रिसर्च बताते हैं कि जो लोग रोज 7-8 घंटे बैठकर जॉब करते हैं उनमें न केवल ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, मोटापा बल्कि एथेरोस्क्लेरोसिस और डीप वेन थ्रोम्बोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

हाल के कई रिसर्च बताते हैं कि जो लोग रोज 7-8 घंटे बैठकर जॉब करते हैं उनमें न केवल ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, मोटापा बल्कि एथेरोस्क्लेरोसिस और डीप वेन थ्रोम्बोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। एथेरोस्क्लेरोसिस में शरीर की नसें सिकुड़ जाती है, नसों में खून का प्रवाह रुक जाता है जबकि डीप वेन थ्रोम्बोसिस में पैरों की नसों में ब्लड क्लॉट हो जाता है। इनसे स्ट्रोक आदि का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।

ये उपाय अपनाएं

- सही पॉश्चर रखें। कुर्सी पर बैठेें तो पीठ को सीधा रखें। बैक सपोर्ट भी अच्छा रखेंं।
- हर 40-50 मिनट पर सीट से उठेंंं और 4-5 मिनट की वॉक करें। पानी की बोतलें आदि खुद ही भरें। सीट पर बैठकर लंच न करें। कैंंटीन जाएं, वॉक भी होगा।
- नियमित रूप से स्ट्रेचिंग करें। इनसे मसल्स को आराम मिलता है। पीठ, गर्दन, पैरों, और कूल्हों के स्ट्रेचिंग वाले व्यायाम रोज करें।
- कुर्सी-कम्प्यूटर की ऊंंचाई का अनुपात ठीक रखें।
- जो काम खड़े होकर किए जा सकते हैंं उसे खड़े ही करें। जैसे कोई बात कर रहा है तो आप भी खड़े होकर बात कर सकते हैं आदि।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।