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National Institute of Ayurveda में हुआ हृदयरक्षण से सम्बन्धित कार्यशाला का आयोजन

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर के आयुर्-योग प्रिवेन्टिव कार्डियोलॉजी विभाग एवं कायचिकित्सा विभाग की ओर से माधव सिंह बघेल समिति कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला “हृदयरक्षणम्” का शुभारंभ माननीय कुलपति महोदय प्रो संजीव शर्मा के कर कमलों द्वारा किया गया ।

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National Institute of Ayurveda

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर के आयुर्-योग प्रिवेन्टिव कार्डियोलॉजी विभाग एवं कायचिकित्सा विभाग की ओर से माधव सिंह बघेल समिति कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला “हृदयरक्षणम्” का शुभारंभ माननीय कुलपति महोदय प्रो संजीव शर्मा के कर कमलों द्वारा किया गया । उद्घाटन के समय प्रो. वाइस चांसलर प्रोफेसर मीता कोटेचा, संबंधित विभागाध्यक्ष प्रो. रामकिशोर जोशी, रजिस्ट्रार प्रो. ए. राममूर्त्ति एवं अन्य विभागाध्यक्ष, अध्यापक गण, पी.जी., पीएच.डी अध्येता एवं संस्थान के अन्य अध्येता उपस्थित रहे । शुभारंभ के समय प्रो. उदयराज सरोज नें आगन्तुक अतिथियों का स्वागत किया ।

इस कार्यशाला में डॉ. रमाकान्त मिश्रा- योग प्रशिक्षक, राजस्थान विश्वविद्यालय नें हृदयरोगों में योग का महत्त्व, प्रो. श्री कृष्ण खाण्डल- निदेशक, आरोग्य लक्ष्मी चिकित्सालय नें हृदयरोगों में स्त्रोतस का महत्त्व एवं डॉ. दीपेन्द्र भटनागर- निदेशक, मेट्रो मास हॉस्पिटल नें हार्ट फैलिअर के बारे में विस्तारपूर्वक अपने-अपने व्याख्यान दिए । साथ ही कुलपति महोदय प्रो. संजीव शर्मा नें भी हृदयरोगों के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त किए ।

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आयुर्-योग प्रिवेन्टिव कार्डियोलॉजी विभाग एवं कायचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० रामकिशोर जोशी नें उपस्थित सभी आगन्तुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया । कार्यशाला में सम्मिलित रहे सभी अध्यापक गण, पी.जी., पीएच.डी अध्येताओं नें इस कार्यशाला की सराहना की तथा भविष्य में इस प्रकार की और कार्यशाला कराए जाने का निवेदन किया ।