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दुनियाँ की सबसे महंगी दवा, कीमत 4.25 करोड़ रुपये, कर सकती है दुर्लभ बच्चों की बीमारी का इलाज

अमेरिका में बच्चों को होने वाली एक दुर्लभ बीमारी मेटाक्रोमैटिक ल्यूकोडिस्ट्रॉफी (एमएलडी) के इलाज के लिए दवा अब बाजार में आ गई है। लेकिन इस दवा की कीमत बहुत ज्यादा है, करीब 4.25 करोड़ रुपये। यह दुनियाँ की सबसे महंगी दवा है।

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बच्चों को होने वाली एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी मेटाक्रोमैटिक Leukodystrophy (MLD) के इलाज के लिए अब एक दवा है। हालांकि, इस दवा की कीमत बहुत ज्यादा है, करीब 4.25 करोड़ रुपये।

अमेरिका की खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने इस बीमारी से ग्रस्त बच्चों के लिए लीन्मेल्डी (Lenmeldy) नाम की दवा को मंजूरी दे दी है। यह पहली बार है कि इस जानलेवा बीमारी के लिए कोई इलाज सामने आया है। एमएलडी से हर साल अमेरिका में लगभग 40 बच्चे पैदा होते हैं और यह बीमारी उन्हें 7 साल की उम्र से पहले ही मार डालती है।

लीन्मेल्डी (Lenmeldy) दवा उन बच्चों के इलाज में मदद करेगी जिनमें बीमारी के लक्षण अभी दिखाई नहीं दे रहे हैं या शुरूआती अवस्था में हैं।

एमएलडी एक तेजी से बढ़ने वाली, जानलेवा और दुर्लभ बीमारी है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। शरीर में एक जरूरी एंजाइम की कमी के कारण यह बीमारी होती है। इस कारण दिमाग और नसों में नुकसानदायक पदार्थ जमा हो जाते हैं।

इस बीमारी के लक्षणों में विकास में देरी, मांसपेशियों में कमजोरी और सीखे हुए हुनर भूल जाना शामिल है। एमएलडी (LMD) तेजी से बढ़ती है और जानलेवा हो सकती है। लीन्मेल्डी (Lenmeldy) दवा एक ही बार के इलाज से इस बीमारी को रोकने या धीमा करने में मददगार हो सकती है, खासकर तब जब इसे बीमारी के शुरुआती लक्षणों में ही दे दिया जाए।