
Zebrafish heart repair protein will make your heart beat again a boon for heart patients
Zebrafish heart repair protein : दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने एक नया समाधान खोज निकाला है। जेब्राफिश नामक मछली में पाए जाने वाले प्रोटीन एचएमजीए-1 की मदद से अब मानव हृदय की मरम्मत संभव हो सकेगी। यह शोध प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका 'नेचर कार्डियोवैस्कुलर रिसर्च' में प्रकाशित हुआ है।
नीदरलैंड के हुब्रेक्ट इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने यह पाया कि जेब्राफिश (Zebrafish heart repair protein) की चोटग्रस्त दिल को ठीक करने की क्षमता का रहस्य एचएमजीए-1 प्रोटीन है। शोध में पाया गया कि यह प्रोटीन हृदय की निष्क्रिय जीनों को सक्रिय कर देता है, जिससे दिल खुद को ठीक करना शुरू कर देता है। इस प्रक्रिया का परीक्षण चूहों पर भी किया गया, जिसमें सकारात्मक नतीजे मिले।
वैज्ञानिक जेरोन बेकर्स ने बताया कि जेब्राफिश जैसे प्राणी चोट लगने के बाद अपने दिल को पुनः स्वस्थ कर लेते हैं। उनकी टीम ने जब चूहों पर एचएमजीए-1 प्रोटीन का परीक्षण किया, तो निष्क्रिय जीन सक्रिय हो गए और दिल की मांसपेशियों ने खुद को ठीक करना शुरू कर दिया। खास बात यह रही कि इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी दुष्प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ा।
विश्वभर में लाखों लोग दिल का दौरा पड़ने के बाद हृदय की मांसपेशी कोशिकाएं खो देते हैं, जिससे उनकी दिल की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। एचएमजीए-1 प्रोटीन की मदद से इन निष्क्रिय कोशिकाओं को सक्रिय किया जा सकेगा। यह प्रोटीन न केवल दिल को पहले जैसा बना सकता है, बल्कि हार्ट फेल जैसी गंभीर स्थिति से भी बचा सकता है।
गौरतलब है कि जेब्राफिश 60 दिनों के भीतर अपने क्षतिग्रस्त दिल को पूरी तरह ठीक कर सकती है। वैज्ञानिक अब इस प्रक्रिया को इंसानों पर भी लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह खोज हृदय रोगियों के उपचार में एक बड़ी क्रांति ला सकती है।
नीदरलैंड के वैज्ञानिकों की यह सफलता हृदय रोगों के इलाज में एक नया अध्याय जोड़ सकती है। यदि यह तकनीक इंसानों पर भी सफल होती है, तो दिल की बीमारियों से जूझ रहे लाखों लोगों को एक नया जीवन मिल सकता है।
Zebrafish heart repair protein : मछली को धरती के सबसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, और विटामिन डी जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। यहां मछली खाने के 10 स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं:
मछली में प्रोटीन, आयोडीन, और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व होते हैं। वसायुक्त मछलियां, जैसे सैल्मन और मैकेरल, ओमेगा-3 और विटामिन डी का बड़ा स्रोत हैं।
मछली के सेवन से दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर वसायुक्त मछलियां हृदय स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी होती हैं।
मछली में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड बुजुर्गों में मानसिक गिरावट को धीमा कर सकते हैं। यह अल्जाइमर और अन्य न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है।
मछली का नियमित सेवन अवसाद के जोखिम को कम करता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड अवसादरोधी दवाओं के प्रभाव को भी बढ़ा सकता है।
ओमेगा-3 वसा, विशेष रूप से डीएचए, मस्तिष्क और आंखों के विकास के लिए आवश्यक हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए कम पारा वाली मछलियों का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
मछली और मछली के तेल के सेवन से टाइप 1 मधुमेह और अन्य बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
बच्चों में नियमित मछली का सेवन अस्थमा के जोखिम को 24% तक कम कर सकता है।
मछली के सेवन से आयु-संबंधित मैक्यूलर डिजनरेशन (AMD) का खतरा कम होता है, जो दृष्टि दोष और अंधेपन का एक प्रमुख कारण है।
वसायुक्त मछलियों, जैसे सैल्मन, का सेवन नींद की गुणवत्ता को सुधार सकता है। इसमें विटामिन डी की उच्च मात्रा भी योगदान देती है।
मछली को कई प्रकार से पकाया जा सकता है – भूनकर, तलकर, या उबालकर। यह पोषण और स्वाद दोनों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और यह किसी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी दवा या उपचार को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।
Published on:
03 Jan 2025 12:34 pm
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