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कश्मीर फाइल्स पर बोलने से पहले डरे हुए थे इस्राइली फिल्मकार, बोले- आसान नहीं…

हाल में इस्राइली फिल्मकार नादव लापिड (Nadav Lapid) ने हिंदी फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) की फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' (The Kashmir Files) को 'भद्दी फिल्म और प्रोपेगेंडा' बताया था, जिसके बाद उन्होंने एक और बयान दिया है, जिसमें वो कहते हैं वो ऐसा बोलने से पहले डरे हुए थे।

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Vandana Saini

Nov 30, 2022

कश्मीर फाइल्स पर बोलने से पहले डरे हुए थे इस्राइली फिल्मकार

कश्मीर फाइल्स पर बोलने से पहले डरे हुए थे इस्राइली फिल्मकार

फिल्मकार विवेक अग्निहोत्री Vivek Agnihotri) के निर्देशन में बनी फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' (The Kashmir Files) इसी साल 11 मार्च, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर ताबड़-तोड़ कमाई की थी। फिल्म को दर्शकों का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इतना ही नहीं जब ये फिल्म रिलीज हुई थी तब भी इस फिल्म को काफी विरोध और बयान-बाजी का सामना करना पड़ा था। ऐसे काफी लोग हैं, जिन्होंने इस फिल्म को लेकर कई तरह के बयान जारी किए थे। किसी ने इसको धर्मों में बटवारा बताया था तो किसी ने प्रोपेगेंडा, लेकिन फिर भी फिल्म को ज्यादातर लोगों का प्यार ही मिला। वहीं हाल में इस फिल्म को लेकर एक बार फिर विवाद हो चुका है, जिसकी शुरूआत इस्राइली फिल्मकार नादव लापिड (Nadav Lapid) ने की है।


हाल में इस्राइली फिल्मकार नादव लापिड (Nadav Lapid On The Kashmir Files) पर कमेंट करते हुए फिल्म को 'भद्दा और प्रोपेगेंडा' बताया। हालांकि, इसके लिए वो खुद भी सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हो रहे हैं, लेकिन हाल में उन्होंने अपने इस बयान पर एक और बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने ये बताया कि पहले वो इस फिल्म के बारे में बात करते हुए काफी घबरा रहे थे।

दरअसल, भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के जूरी हेड और इस्राइल के फिल्मकार ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान अपने इस बयान पर बात करते हुए कहा कि ''द कश्मीर फाइल्स' के खिलाफ बोलना आसान नहीं था'। फिल्मकार ने अपनी बात को रखते हुए कहा कि 'जब मैंने 'द कश्मीर फाइल्स' देखी, तब मैं इस बात से हैरान हो गया था कि कश्मीर के मसले पर ये फिल्म सरकार के मानकों का पालन कितनी स्पष्ट तरीके से करती है'।

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नादव लापिड ने आगे बात करते हुए कहा कि 'ये आमतौर पर कश्मीर में भारतीय नीति को सही ठहराती है और इसमें फासीवादी तत्व हैं'। साथ गी उन्होंने ये भी कहा कि 'उन्हें आश्चर्य नहीं होगा अगर 'द कश्मीर फाइल्स' जैसी फिल्म अगले कुछ सालों में इस्राइल में बनाई जाए'। वहीं जब फिल्मकार से पूछ गया कि ''द कश्मीर फाइल्स' पर इस तरह का बयान देने से पहले उनके दिमाग में क्या चल रहा था?', जिसका जवाब उन्होंने कुछ अलग अंदाज में दिया।

उन्होंने कहा कि 'मुझे पता था कि यह फिल्म एक ऐसी घटना पर आधारित है, जो देश से जुड़ी हुई है। लेकिन, सबके सामने सच कहना आसान नहीं था। मैं, वहां महमान था। जूरी का अध्यक्ष था। वहां मौजूद हर शख्स मेरे साथ अच्छा व्यवहार कर रहा था। ऐसे में जब मैं यह कहने जा रहा था तब मन में एक बेचैनी थी। मुझे नहीं पता था कि आयाम क्या होंगे, लेकिन डर था। खैर, अब मैं हवाई अड्डे के लिए रवाना हो चुका हूं और खुश हूं'।


इतना ही नहीं फिल्मकार ने अपनी बात का स्पष्टिकरण देते हुए कहा कि 'जब मैंने ये फिल्म देखी, तब मैं इसकी तुलना इस्राइल से करने लगा। हालांकि, वहां ऐसा कुछ नहीं होता है, लेकिन हो सकता है। इसलिए मुझे लगा कि मुझे इसके खिलाफ बोलना जरूरी है'। बात दें कि विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri Film) की ये फिल्म 32 साल पहले कश्मीर में हुए पंडितों के नरसंहार पर आधारित है।

साथ ही निर्देशक इस बात का भी दावा करते हैं कि फिल्म का एक भी सीन या डायलॉग झूठा नहीं है। इस फिल्म में मिथुन चक्रबोर्ती, अनुपम खेर, दर्शन कुमार, पल्लवी जोशी और चिन्मय मण्डेलकर मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस से लेकर लोगों के दिलों में भी अपनी खास जगह बनाई थी।

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