
World Energy: 2021 के बाद से क्लीन एनर्जी निवेश में 90 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी सबसे ज्यादा चीन में हुई है। चीन के अलावा भारत, ब्राजील में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। इस रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि भारत में सौर ऊर्जा पहली बार तेल उत्पादन में निवेश को पीछे छोड़ने के लिए तैयार है और यह क्लीन एनर्जी के स्रोतों के प्रति प्रतिबद्ध है।
वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति में ऊर्जा सुरक्षा के बारे में चिंताओं के साथ मिलकर मजबूत आर्थिक विकास ने देश को स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों की ओर अग्रसर किया है। 2022 में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में प्रभावशाली वृद्धि के बाद इस वर्ष बिक्री में एक तिहाई की वृद्धि के साथ भारत ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में काफी वृद्धि देखी है। इसके अलावा अनुकूल नियमों और प्रोत्साहनों सहित भारत के सक्रिय नीतिगत समर्थन ने निवेश को आकर्षित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश की स्वच्छ ऊर्जा की गति सौर ऊर्जा से आगे भी है।
यह है विश्व ऊर्जा निवेश की रिपोर्ट
विश्व ऊर्जा निवेश की आठवीं रिपोर्ट जारी हुई है। यह एनर्जी क्षेत्र में पूंजी प्रवाह पर नजर रखने के लिए वैश्विक मानदंड है। यह रिपोर्ट निवेशकों के ईंधन, बिजली आपूर्ति, खनिज, कार्यक्षमता, रिसर्च और विकास के सभी क्षेत्रों में जोखिम और अवसरों का आकलन करती है। इस रिपोर्ट के जरिए उम्मीद की जा रही है कि जलवायु संकट के लिए भी समाधान निकाले जा सकते हैं। विश्व ऊर्जा निवेश के इस वर्ष के संस्करण में वर्ष 2022 में निवेश की तस्वीर पर एक पूरा अपडेट और वर्ष 2023 के लिए उभरती हुई तस्वीर का एक प्रारंभिक अध्ययन प्रदान किया गया है।
कोयले और तेल में निवेश होगा कम
2023 के लिए अनुमानित 2.8 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक ऊर्जा निवेश में से लगभग 1.7 ट्रिलियन डॉलर से अधिक स्वच्छ प्रौद्योगिकियों के लिए आवंटित किए जाने की उम्मीद है, जिसमें नवीनीकरण ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, परमाणु ऊर्जा, ग्रिड, भंडारण, कम उत्सर्जन वाले ईंधन, कार्य दक्षता में सुधार और हीट पंप शामिल हैं। इसके विपरीत कोयले, गैस और तेल में निवेश का अनुमान एक ट्रिलियन डॉलर से थोड़ा अधिक है।
निवेश में देशों की रैंकिंग
1. चीन
2. यूरोप संघ
3. यूएसए
4. जापान
5. भारत
Published on:
13 Jun 2023, 11:04 AM IST
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