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आज जन्म लेने वाले बच्चे उन्नत शरीर के स्वामी होंगे, ऐसे होगा इनका भाग्योदय

आज का पंचांग 4 मार्च 2019
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Aaj ka panchang

आज जन्म लेने वाले बच्चे उन्नत शरीश के स्वामी होंगे, ऐसे होगा इनका भाग्योदय

ज्योतिष गुलशन अग्रवाल

आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम खो, ग, गी,गू अक्षरों पर रख सकते हैं। आज जन्में बच्चों का जन्म तांबे के पाए में होगा। सूर्योदय से अर्धरात्रि 01.43 मिनट तक मकर राशि रहेगी इसके पश्चात कुंभ राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे उन्नत शरीर के होंगे। प्रायः इनका भाग्योदय करीब 21 वर्ष की आयु में होगा। ऐसे जातक अपनी विध्याबल और बुद्धीबल से नाम कमाते हैं। इनके स्वभाव में स्पष्टता आ जाती है। सामान्यत अधीन रहकर काम करेंगे। मकर राशि में जन्में जातक दोषारोपकहोने से बचना चाहिए। कुंभ राशि में जन्में जातक को परोप्कारी होना चाहिए।

तिथि

सूर्योदय से दोपहर 04.28 मिनट तक जया संज्ञक त्रयोदषी तिथि रहेगी। पश्चात रिक्ता संज्ञक चतुर्दशी तिथि लगेगी। त्रयोदशी में कामदेव की पूजा करने से मनुष्य उतत्म भार्या प्राप्त करता है। तथा उसकी सभी कामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। चतुर्दशी तिथि में भगवान देवदेवेश्र्वर सदाशिव की पूजा करके मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समान्वित हो जाता है। तथा बहुत से पुत्रों एवं प्रभूत धन से संपन्न हो जाता है।

नक्षत्र

सूर्योदय से दोपहर 12.09 मिनट तक चर चल श्रवण नक्षत्र रहेगा। पश्चात चर चल धनिष्ठा नक्षत्र लगेगा। अक्षर ज्ञान, अध्यन, अध्यापन, धार्मिक प्रवचन, स्कूल, कॉलेज, पुस्तकालय, आदि से संचालन हेतु श्रवण एवं धनिष्छा दोनो नक्षत्र शुभ रहते हैं। मकान, दुकान, मठ, मंदिर, रेल लाइन, गुफा, छत, कुआं, सड़क और जल संबंधी कार्य श्रवण नश्रत्र में करना शुभ रहता है।

योग

सूर्योदय से दोपहर 01.32 मिनट तक परिघ योग रहेगा। पश्चात शिव योग लगेगा। परिघ योग के स्वामी विश्वकर्मा देव माने जाते हैं, जबकि शिव योग के स्वामी मित्र देव माने जाते हैं।

विशिष्ट योग

परिघ योग के प्रथम पूर्वार्ध का त्याग करना ठीक रहता है। इसका उत्तरार्ध शुभ माना जाता है। शिव योग बेहद शुभ माना जाता है। इस योग में कार्य पूर्ण होने की प्रबल संभावना रहती है।

आज का शुभ मुहूर्त

अनुकूल समय में महाशिवरात्रि पर्व पर भोलेनाथ का रूद्राभिषेक करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघड़िए

प्रातः 06.47 मिनटसे 08.14 मिनट तक अमृत का चौघड़िया रहेगा एवं दोपहर 02.03 मिनट तक क्रमशः चंचल लाभ व अमृत के चौघड़िया रहेंगे।

करण

सूर्योदय से दोपहर 04.28 मिनट तक वणिज नामक करण रहेगा। पश्चात विश्टी नामक करण लगेगा। इसके पश्चात शकूनि नामक करण लगेगा।

व्रतोत्सव

व्रत/पर्वः श्री महाशिवरात्रि व्रत। वैध्यनाथ जयंती आर्य समाज सप्ताह प्रारंभ। ऋफि बोधोत्सव।

चंद्रमाः सूर्योदय से अर्धरात्रि 01.43 मिनट तक चंद्रमा पृथ्वी तत्व की मकर राशि में रहेंगे। पश्चात वायु तत्व की कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।

भद्राः दोपहर 04.28 मिनट से अर्धरात्रि 05.48 मिनट तक भद्रा का निवास क्रमश पाताल एवं भू लोक में रहेगा।

पंचकः अर्धरात्रि 01.43 मिनट से प्रारंभ होंगे।

दिशाशूलः पूर्व दिशा में।

राहु कालः प्रात-08.14.20 से 09.41.35 तक राहु काल वेला रहेगी। इस समय में शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।