4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आज का पंचांग 18 फरवरी 2019

आज का पंचांग 18 फरवरी 2019
2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Tanvi Sharma

Feb 18, 2019

panchang

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति माघ 29 शक संवत् 1940 माघ शुक्ला चतुर्दशी सोमवार विक्रम संवत् 2075। सौर फाल्गुन मास प्रविष्टे 06 जमादि-उल्सानी 12 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी 18 फरवरी सन् 2019 ई०। सूर्य उत्तरायण दक्षिण गोल, बसंत ऋतुः।

राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। चतुर्दशी तिथि अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 12 मिनट तक उपरान्त पूर्णिमा तिथि का आरंभ, पुष्य नक्षत्र अपराह्न 02 बजकर 02 मिनट तक उपरान्त आश्लेषा नक्षत्र का आरंभ, सौभाग्य योग सायं 04 बजकर 06 मिनट तक उपरांत शोभन योग का आरंभ, गर करण अपराह्न 03 बजकर 02 मिनट तक उपरान्त विष्टि करण का आरंभ।

आज के मुहर्त - अनुकूल समय में शासकीय अधिकारी से संपर्क करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चंद्रमा दिन-रात कर्क राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 12 मिनट से, बुध पूर्वा भाद्रपद में अपराह्न 03 बजकर 20 मिनट, सूर्य सायन मीन में अगले दिन तड़के 04 बजकर 34 मिनट, बसंत ऋतु प्रारम्भ, गण्डमूल अपराह्न 02 बजकर 02 मिनट से।

आज के विचार - आज जन्म लिए बच्चों के नाम ( हो , डा , डी , डू , डे, डो ) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से मध्यम होंगे। इनकी संकल्पशक्ति मजबुत रहेगी। व्यवहारकुशल व धनसम्पदाशील होंगे। कला विज्ञान के जानकार होंगे ।

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।