साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 5 जून को : इन राशि के जातकों के लिए रहेगा बेहद खतरनाक

जानिये किस राशि और नक्षत्र में लगने जा रहा है ये ग्रहण और इसके प्रभाव...

By: दीपेश तिवारी

Published: 24 May 2020, 10:45 AM IST

ग्रहण का पृथ्वी से एक लंबा नाता है, एक ओर जहां तकरीबन हर साल ग्रहण लगते ही हैं। वहीं ज्योतिष में वह साल सबसे घातक माना जाता है, जिस साल में चार या इससे अधिक ग्रहण पड़ते हैं। ऐसा ही एक साल 2020 भी है जिसमें 6 ग्रहण पड़ेंगे। जिनमें से 4 चंद्रग्रहण व दो सूर्यग्रहण होंगे।

ग्रहण दो प्रकार के होते हैं पहला वह जो जिसमें चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी एक ही सीध में होते हैं और चांद पृथ्वी और सूर्य के बीच होने की वजह से चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। इस ग्रहण को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। वहीं दूसरी ओर जब चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी आ जाती है। ऐसी स्थिती में चांद पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है, यानि चांद पर पृथ्वी की छाया पड़ती है, इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है।

वहीं ज्योतिष में दो ग्रह राहु और केतु माने जाते हैं, इनमें से राहु के द्वारा जब सूर्य का ग्रास किया जाता है तो उसे सूर्यग्रहण और जब केतु के द्वारा चंद्र का ग्रास किया जाता है तो उसे चंद्रग्रहण कहते हैं।

MUST READ : हनुमान जी का ये अवतार! जिनका आशीर्वाद लेने देश से ही नहीं पूरी दुनिया से आते हैं लोग

https://www.patrika.com/religion-and-spirituality/indian-spiritual-legacy-avatar-of-shri-hanumanji-at-kenchi-dham-5979098/

वहीं इस साल यानि 2020 में चार चंद्र ग्रहण लगने जा रहे हैं जो कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में नजर आएंगे। चंद्र ग्रहण एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसमें पृथ्वी सूर्य की रोशनी को चंद्रमा तक पहुंचने से रोकती है।

2020 के चंद्र ग्रहण : कब और कहां

साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण 10-11 जनवरी को लगा था। ये ग्रहण 10 जनवरी रात 11 बजकर 37 मिनट पर मिथुन राशि में पड़ा था। ये ग्रहण भारत समेत पूरे यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में नजर आया था, हालांकि ये एक प्रच्छाया यानि खंडग्रास ग्रहण होने की वजह से मान्य नहीं था।

वहीं अब साल का दूसरा चंद्र ग्रह 5-6 जून को लगने जा रहा है। ये ग्रहण रात 11 बजकर 16 मिनट से प्रारंभ होगा और 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। ये ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में होने वाला है।

इस साल का यह दूसरा चंद्र ग्रहण आज से तकरीबन 13 दिन के बाद लगने वाला है, इसलिए इस समय ये ग्रहण हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह दूसरा ग्रहण भी वृश्चिक राशि में ही होने जा रहा है, ऐसे में जानकारों का मानना है कि इसे लेकर बेहद सावधान रहने की जरूरत होगी।

MUST READ : कोरोना वायरस- हर तरह के संक्रामक रोगों से बचाकर चमत्कारिक क्षमता देता है ये पदार्थ, बस इस मंत्र के उच्चारण के साथ ग्रहण करें

https://www.patrika.com/religion-and-spirituality/coronavirus-disease-medicine-is-here-benefits-of-panchamrit-6098727/

ज्योतिष के जानकारों के अनुसार वृश्चिक राशि में ग्रहण लगने की वजह से आपकी राशि, लग्न और 7वां भाव प्रभावित हो रहा है। यह आपकी बुद्धि भ्रमित करने के साथ ही आपकी और जीवनसाथी की सेहत पर भी असर डालता हुआ दिख रहा है। वहीं इस ग्रहण की पूरी छाया आपके 7वें भाव पर पड़ेगी।

इसके अलावा आपका तीसरा, पांचवां और ग्याहरवां भाव भी इससे प्रभावित होगा। जिसके कारण लाभ में कमी आने के अलावा स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतों की संभावना है। वहीं इस समय भाई-बहनों से रिश्ते खराब होने के संकेतों के बीच जीवनसाथी से मतभेद और बदनामी के योग भी बन रहे हैं।

साल 2020 के अन्य चंद्र ग्रहण...
2020 का तीसरा चंद्र ग्रहण 5 जुलाई, रविवार को लगेगा। ये चंद्र ग्रहण सुबह 8 बजकर 38 मिनट से प्रारंभ होगा और 11 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। दिन में होने की वजह से भारत में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा। ये ग्रहण पूर्णिमा के दिन धनु राशि में लगेगा।

MUST READ : सूर्य ने आज किया वृषभ राशि में गोचर, जानिये क्या होगा आप पर असर

https://www.patrika.com/horoscope-rashifal/surya-gochar-may-2020-effects-sun-transit-in-taurus-zodiac-sign-6100442/

वहीं इस साल का चौथा और आखिरी चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लगेगा जो कि दोपहर 1 बजकर 34 मिनट से प्रारंभ होगा और शाम को 5 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। दिन का समय होने की वजह से भारत में यह चंद्र ग्रहण नहीं दिखाई देगा। ये ग्रहण रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में होगा।

सूर्य ग्रहण 2020...
वहीं यदि 2020 के सूर्यग्रहण की बात करें तो इस साल का पहला सूर्यग्रहण 21 जून की सुबह 9 बजकर 15 मिनट से दोपहर 15 बजकर 04 मिनट तक रहेगा, यह वलयाकार सूर्य ग्रहण रहेगा। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर इस ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा। इसे भारत समेतदक्षिण पूर्व यूरोप, हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका और दक्षिण अमेरिका के प्रमुख हिस्सों में देखा जा सकेगा।

जबकि दूसरा सूर्यग्रहण 14 दिसंबर 2020 को लगेगा। यह पूर्ण सूर्यग्रहण (यह भारत में नहीं दिखेगा) मणिदार उल्का बौछार - साल का आखिरी सूर्यग्रहण होगा।
ग्रहण का समय: शाम को 7:03 मिनट से 15 दिसंबर को 12 बजे तक
कहां-कहां दिखेगा सूर्यग्रहण: यह ग्रहण इसे प्रशांत महासागर में देखा जा सकेगा।

MUST READ : गजकेसरी योग - गुरु के प्रभाव से बना ये योग,जानें कैसे प्रभावित करता है आपकी कुंडली

https://www.patrika.com/religion-and-spirituality/gajkesari-yog-in-kundali-and-how-people-get-benefits-with-this-yog-6028858/
Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned