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हाथोंं की लकीरें से पता लगता है कौनसा कॅरियर है आपके लिए शुभ

हस्तरेखा के अध्ययन से पता लगा सकते हैं कि जातक के किस क्षेत्र में भविष्य बनाने की संभावनाएं अधिक हैं

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Sunil Sharma

Feb 17, 2016

Life of destiny in palmistry

Life of destiny in palmistry

सामुद्रिकशास्त्र यानी हस्तरेखा विज्ञान से व्यक्ति की हथेली में स्थिति रेखाएं, विभिन्न पर्वत, चिह्न, नाखून, अंगूठे और अंगुलियों की सहायता से व्यक्ति के सम्पूर्ण जीवन के बारे में जाना जा सकता हैं। हस्तरेखा विज्ञान के द्वारा व्यक्ति के कॅरियर के बारे में भी अध्ययन कर यह पता लगाया जा सकता है कि वह भविष्य में किस क्षेत्र में जा सकता है।

शिक्षक
जिस व्यक्ति की मस्तिष्क रेखा स्पष्ट, गहरी तथा भाग्य रेखा व सूर्य रेखा भी हो और गुरु पर्वत उभरा हो तो वह शिक्षक बन सकता है।

इंजीनियर
इंजीनियरिंग का मूल कारक ग्रह शनि होता है। जिस व्यक्ति के हाथ में शनि पर्वत उभरा हुआ हो तथा इस पर्वत पर अनेक खड़ी रेखाएं हों साथ ही भाग्य रेखा शनि पर्वत पर समाप्त हो वह इंजीनियर बन सकता है।

उद्योगपति
जिस व्यक्ति की हथेली में अंगूठा 90 डिग्री से अधिक कोण बनाए, कनिष्ठिका अंगुली लम्बी हो, मस्तिष्क रेखा स्पष्ट हो, बुध, सूर्य और शनि पर्वत उभरे हो तो जातक के फैक्ट्री का मालिक, व्यापारी और उद्योगपति होने की संभावना बढ़ती है।

डॉक्टर
जिस हथेली में बुध पर्वत स्पष्ट उभरा हो और इस पर्वत पर तीन या चार रेखाएं खड़ी हों, कनिष्ठिका अंगुली अनामिका के तृतीय पर्व को स्पर्श करें तो व्यक्ति चिकित्सा के क्षेत्र में जाता है। यदि मंगल पर्वत भी उभरा हुआ हो तो सफल सर्जन की संभावना बनती है। सूर्य रेखा स्पष्ट हो तो चिकित्सक बनकर सफलता व प्रसिद्धि का योग भी होता है।

अभिनेता
जिस व्यक्ति के हाथ की सभी अंगुलियां कोमल और ढलवा हों, अनामिका अंगुली अधिक लम्बी न हो, सूर्य तथा शुक्र पर्वत उभरे हों, सूर्य और भाग्य रेखा निर्दोष हो तो ऐसा व्यक्ति सफल अभिनेता बनता है।

राजनेता
हथेली में सूर्य रेखा पर वृत्त, चतुर्भज का चिह्न हो, एक शाखा मंगल पर्वत पर और दूसरी मस्तिष्क रेखा से मिले व पर्वतों का उभार ठीक हो तो ऐसा व्यक्ति मंत्री, सत्ता के शीर्ष पद तक पहुंच सकता है।

उच्च अधिकारी
जिसकी हथेली में कनिष्ठिका, अनामिका अंगुली का तीसरा पोर स्पर्श करे या उससे ऊपर निकल जाए, सूर्य पर्वत स्पष्ट उभार लिए हो, साथ ही सूर्य रेखा गहरी, सूर्य पर्वत पर त्रिभुज, चतुर्भज, नक्षत्र का चिह्न हो तो व्यक्ति आईएएस बन सकता है। जिन हाथों में कनिष्ठिका, अनामिका के तृतीय पर्व को स्पर्श करे, मंगल पर्वत या जीवन रेखा से निकली कोई रेखा सूर्य पर्वत को स्पर्श करे तो उच्च अधिकारी बन सकता है।

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