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2019 में राहु ग्रह बारह राशियों में ऐसे करेगा प्रवेश, इन राशियों को बनायेगा मालामाल

साल 2019 में छाया ग्रह राहु किसी को मालामाल तो किसी को करेगा कंगाल

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भोपाल

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Shyam Kishor

Dec 25, 2018

rahu position in 2019 in rashies

2019 में राहु ग्रह बारह राशियों में ऐसे करेगा प्रवेश, इन राशियों को बनायेगा मालामाल

कुछ लोगों को राहु ग्रह का नाम सुनते ही डर लगने लगता है, ऐसे लोग मानते हैं कि अगर छाया ग्रह राहु कुंडली में बैठ गया तो समस्याएं चारों ओर से अपने पैर पसारना शुरू कर देते हैं, कुछ हद तक वास्तव में कुछ लोगों के साथ ऐसा होता भी है, लेकिन यदि किसी की जन्मकुंडली में राहु ग्रह मजबूत स्थिति में है तो फिर वह उस व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान, धन वैभव, राजनीतिक सफलताओं आदि से मालामाल भी कर देता हैं । लेकिन अगर कुंडली में राहु की स्थिति कमजोर हो तो व्यक्ति के जीवन में अनेक बाधाएं एक के बाद एक पैदा होने लगती है । वैदिक ज्योतिषाचार्य पं. प्रह्लाद कुमार पंड्या ने पत्रिका डॉट कॉम को साल 2019 में सभी बारह राशियों में छाया ग्रह राहु के गोचर होने के बारे में बताया । क्योंकि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से राशियों में राहु का गोचर बहुत ही अहम माना जाता है। जाने अपनी राशि में प्रवेश कर राहु 2019 में क्या क्या कमाल करेगा ।

1- मेष राशि में राहु का गोचर- मेष राशि में राहु राशि से तीसरे भाव में गोचर करेगा, कुंडली में तीसरा भाव पराक्रम के साथ-साथ सहजता का भाव होता हैं । मेष राशि में राहु के तीसरे भाव में स्थिति होने से साल भर अनेक शुभ संकेत मिलते रहेंगे । गोचर की इस अवधि में नौकरी में सफलता, आर्थिक लाभ, कार्यक्षेत्र में पूरा सहयोग मिलेगा, इस अवधि में लंबी दूरी की बजाय छोटी यात्रा ज़्यादा लाभकारी होगी, संवाद कला आपको जीवन में आगे बढ़ाने में मदद करेगी, परिवार व दोस्तों का भरपूर सहयोग भी मिलेगा । नौकरी या फिर कारोबार के कारण विदेश यात्रा भी सकती हैं । मेष राशि के जातक प्रति बुधवार की शाम को काले तिल का दान अवश्य करें ।

2- वृषभ राशि में राहु का गोचर- आपकी राशि से दूसरे भाव में राहु गोचर करेगा, कुंडली के दूसरे भाव में राहु का स्थित होना आपके लिए कष्टकारी हो सकता है । इस दौरान आर्थिक क्षेत्र में संभलकर क़दम रखे, इसमें धन हानि हो सकती है, कड़वे शब्दों का प्रयोग या फिर बढ़ाचढ़ाकर बातचीत करना आपके लिए उचित नहीं होगा, किसी ग़लतफ़हमी के कारण घर का माहौल बिगड़ सकता है, इस दौरान धैर्य का परिचय दें और क्रोध पर नियंत्रण भी करें । गोचर के दौरान आपके ख़र्च में वृद्धि होगी और आपका मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है, गोचर के दौरान आपके स्वास्थ्य में कमी आ सकती है । इस अवधि में किसी को न तो पैसे उधार दे, नहीं उधार लें । वृषभ रासि के जातक प्रति रविवार के दिन भैरव मंदिर में काले रंग का झंडा अवश्य चढ़ाएं ।

3- मिथुन राशि में राहु का गोचर- राहु मिथुन राशि में प्रवेश कर लग्न भाव में स्थित होगा, लग्न भाव व्यक्ति के जन्म का भाव होता हैं, और इस भाव में राहु का स्थित होना जातक के लिए अनुकूल नहीं माना जात है । इस अवधि में हर पल संभलकर चलना होगा, सेहत के प्रति थोड़े सजग भी रहें, इस दौरान जातक की सेहत कमज़ोर रह सकती है, कोई पुरानी बीमारी फिर से परेशान कर सकती है । राहु का गोचर बौद्धिक रूप से आपके लिए उत्तम रहेगा, लेकिन विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में दिक्कत का सामना करना पड़ेगा । गोचर के दौरान जल्दबाज़ी में निर्णय लेंगे और कई बार ये निर्णय आपके लिए उचित नहीं होंगे, इसलिए सजग रहे । इस दौरान दूसरों पर रौब जमाने की कोशिश न करें, वरना आपका ही नुक्सान हो सकता है । मिथुन राशि के जातक राहु गोचर के दौरान काले रंग का कंचा अपने पास हमेशा रखें ।

4- कर्क राशि में राहु का गोचर- राहु आपकी राशि से बारहवें भाव में संचरण करेगा, कुंडली में यह भाव व्यय का होता है इसलिए राहु के इस भाव में होने से आपके बेवजह के ख़र्चों की संख्या बढ़ जाएगा, गोचर के दौरान विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं । राहु के प्रभाव से आपके पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव भरा समय आएगा । घर में बच्चों की सेहत का ध्यान अवश्य ध्यान रखे । ग़ैर क़ानूनी कामों से दूर रहें अन्यथा आपको जेल भी जाना पड़ सकता है । कार्यक्षेत्र में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है । कर्क राशि के जातक इस अवधि में महाकाली एवं भैरव बाबा की आराधना करें ।

5- सिंह राशि में राहु का गोचर- इस साल आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में राहु जाएगा, कुंडली में राहु का यह भाव और लाभ का भाव होता है। इस भाव में राहु की स्थिति आपके लिए सुखद परिणाम कारक रहेगी, इस दौरान जीवन में ख़ुशियाँ भी आएंगी, करियर में न केवल ग्रोथ बल्कि सुनहरे अवसर भी प्राप्त होंगे, हर कार्य में सफलता मिलेगी और विभिन्न क्षेत्रों से आपको लाभ प्राप्त होने की संभावना है । दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं । सामाजिक जीवन में मान-सम्मान बढ़ेगा । सिंह राशि के जातक राहु काल में कुत्तों को मीठा या जलेबी खिलायें ।

6- कन्या राशि में राहु का गोचर- राहु आपकी राशि से दसवें भाव में गोचर करेगा, कुंडली में यह भाव कर्म एवं पद-प्रतिष्ठा का भाव होता है, लेकिन इस भाव में राहु का स्थित होना कन्या राशि वालों के लिए शुभ संकेत नहीं है, लेकिन आर्थिक क्षेत्र में इस गोचर का फायदा बहुत ज्यादा हो सकता हैं । राहु के प्रभाव से माताजी की सेहत में कमी आ सकती है इसलिए उनके स्वास्थ्य का विशेष ख़्याल रखें । इस अवधि में प्रयास करें परिवार के लिए पर्याप्त समय निकाले । कन्या राशि के जातक इस राहु अवधि में श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ नियमित करें ।

7- तुला राशि में राहु का गोचर- इस साल राहु आपकी राशि से नौवें भाव में गोचर करेगा, कुंडली में नौवां भाव भाग्य और धर्म का भाव होता हैं, इस भाव में राहु की स्थिति आपके लिए अनुकूल नहीं है, आशानुरूप परिणाम नहीं मिल पाएंगे, इस दौरान आपको आर्थिक क्षेत्र में नुक्सान भी हो सकता है, धन की लेनदेन में बड़ी सावधानी बरतें । राहु काल में किसी पवित्र नदी में डुबकी जरूर लगावें । राहु आपके पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित करेगा । तुला राशि के जातक इस अवधि में इस मंत्र का जप रोज 108 बार करें- ॐ दुं दुर्गाय नमः ।

8- वृश्चिक राशि में राहु का गोचर- राहु आपकी राशि से आठवें भाव में प्रवेश करेगा, कुंडली में आठवां भाव आयु का भाव होता है, राहु के इस भाव में उपस्थिति आपके लिए अनुकूल नहीं है, वाहनों का प्रयोग सावधानी से करें, अन्यथा कोई दर्घटना हो सकती है, गोचर के दौरान अपनी सेहत का विशेष ख़्याल रखें । आय में कमी होगी, आर्थिक क्षेत्र भी प्रभावित होगा । इस अवधि में अपनी वाणी पर संयम रखे, वरना रिस्तों में दरार आ सकती हैं । वृश्चिक राशि के जातक प्रति शनिवार को दोपहर 12 बजे से पहले नीले वस्त्र दान करें ।

9- धनु राशि में राहु का गोचर- राहु आपकी राशि से सातवें भाव में गोचर करेगा, कुंडली में सातवां भाव वैवाहिक जीवन की विवेचना करता है, राहु का इस भाव में होना आपके लिए अच्छे संकेत नहीं है, वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ रिश्तों में खटास आने की संभावना है, इस परिस्थिति से बचने के लिए लाइफ़ पार्टनर पर किसी भी तरह का दबाव न बनाएं और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें । काम-धंधे पर भी राहु का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा । बिजनेस पार्टनर, पारिवारिक जीवन में धन अथवा पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है । धनु राशि के जातक राहु-केतु की शांति के लिए अनुष्ठान करें ।

10- मकर राशि में राहु का गोचर- राहु आपकी राशि से छठे भाव में गोचर करेगा, कुंडली में छठा भाव रोग, भय और क्षति का होता है । राहु के इस भाव में होना आपके लिए अच्छा है, इस दौरान आपको शुभ परिणामों की प्राप्ति भी होगी, जीवन में ख़ुशियों का आगमन भी होगा, करियर में सफलता मिलेगी । नौकरी में प्रमोशन और आय में बढ़ोत्तरी की प्रबल संभावना है, विरोधी मित्र बनकर सहयोग करेंगे, किेसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता मिलने की प्रबल संभावना रहेगी, यदि आपने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया है तो आपका लोन पास हो जाएगा, राजनीति क्षेत्र में प्रबल सफलता मिलने के योग हैं. क़ानूनी मामलों में भी आप सफल रहेंगे, पुरानी बीमारियों से भी आपको छुटकार मिलेगा और आपको स्वास्थ्य लाभ मिलेगा । मकर राशि के जातक- ॐ राम रहावे नमः उक्त मंत्र का रोज 108 बार जप करें ।

11- कुंभ राशि में राहु का गोचर- इस साल राहु आपकी राशि से पाँचवे भाव में जाएगा, कुंडली में पाँचवा भाव बुद्धि, विद्या एवं संतान को दर्शाता है, राहु ग्रह के इस भाव में उपस्थिति आपके लिए ज्यादा अनुकूल नहीं है, आर्थिक क्षेत्र में नुक्सान हो भी सकता है । पैसों के लेनदेन अथवा निवेश को बहुत सोच-समझकर करें अन्यथा आपको धन हानि हो सकती है, लव पार्टनर के साथ विवाद हो सकता है । छात्रों को पढ़ाई में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है । कुंभ राशि के जातक हर रविवार राहुकाल में सात प्रकार के अनाज को मिलाकर चिड़ियों को खिलाएं ।

12- मीन राशि में राहु का गोचर- राहु आपकी राशि से चौथे भाव में रहेगा, कुंडली में चौथा भाव माता, सुख, वृद्धि और बंधु के संबंध को बताता है, राहु के इस भाव में होना आपके लिए कष्टकारी हो भी सकता है, पारिवारिक जीवन में राहु का प्रभाव आपकी माताजी के स्वास्थ्य को कमज़ोर कर सकता है । इस अवधि में अनेक चुनौतियों और परेशानियों के कारण आपको मानसिक तनाव भी रह सकता है । धन का प्रयोग सोच-समझकर करें, फिजुल खर्च भी बढ़ सकता हैं । मीन राशि के जातक शनिवार को राहुकाल में कंबल का दान अवश्य करें करें ।