
ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति पौष 15 शक संवत् 1940 पौष कृष्ण अमावस्या शनिवार विक्रम संवत् 2075 सौर पौष मास प्रविष्टे 21 रवि उलसानी 28 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 05 जनवरी सन् 2019 ई॰ सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतु।
राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। अमावस्या तिथि अगले दिन सुबह 06 बजकर 58 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ, मूल नक्षत्र अपराह्न 03 बजकर 08 मिनट तक उपरांत पूर्वाषा-सजय नक्षत्र का आरंभ, ध्रुव योग अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 12 मिनट तक उपरांत व्याघात योग का आरंभ।
आज के मुहर्त- आज के दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत से बचना चाहिए।
चतुष्पद करण सायं 05 बजकर 58 मिनट तक उपरांत किष्तुघ्न करण का आरंभ। चंद्रमा दिन-रात धनु राशि पर संचार करेगा। आज ही पौष (शनिवारी) अमावस्या, गण्डमूल अपराह्न 03 बजकर 08 मिनट तक।
आज के विचार- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (भ, भी, भू, ध, फ) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से सशक्त होंगे। तकनीकी कला के जानकार होंगे। जीवन में धन धान्य प्रचुर मात्रा में रहेगा। अच्छे राजनेता भी होंगे।
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।
