
ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति पौष 20 शक संवत् 1940 पौष शुक्ल चतुर्थी बृहस्पतिवार विक्रम संवत् 2075। सौर पौष मास प्रविष्टे 26, जमादि उल्लावल 03, हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 10 जनवरी सन् 2019 ई०। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतु।
राहुकाल अपराह्न 1 बजकर 30 मिनट तक। चतुर्थी तिथि सायं 5 बजकर 22 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ, शतभिषा नक्षत्र अगले दिन तड़के 5 बजकर 54 मिनट तक उपरांत पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का आरंभ, व्यतिपात योग अगले दिन सुबह 6 बजकर 29 मिनट तक उपरांत वरीयान योग का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में रूपयों का लेनदेन करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
विष्टि करण सायं 5 बजकर 22 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात कुंभ राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा सायं 5 बजकर 22 मिनट तक।
आज के विचार- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (गो, सा, सी, सू, से) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से मध्यम होंगे। ऐसे जातक संघर्षशील व परोपकारी होंगे। इनकी विज्ञान विषय में रूचि रहेगी। भोगविलास में आतुर व धनसंपदाशील होंगे। अच्छे लेखक भी होंगे।
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।
