
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (फोटो एएनआई)
Saharanpur Mosque Demolition: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर के अंदर कथित अवैध मस्जिद को शनिवार सुबह जल्दी ढहाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर सवाल उठाए हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि क्षेत्र को घेरकर सुबह 5 बजे मस्जिद ढहाने से साबित होता है कि भाजपा की योगी सरकार मामले को उच्च न्यायालय तक नहीं पहुंचने देना चाहती थी क्योंकि वे गलत थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ‘मस्जिद’ शब्द से नफरत रखते हैं। उनके अनुसार, सरकार मुसलमानों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी को खत्म कर रही है। ओवैसी ने मस्जिद प्रबंधन समिति को उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट जाने की सलाह दी और कानूनी सहायता देने का आश्वासन दिया।
समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट में न्याय नहीं मिल सकता था? उनके मुताबिक, अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर कार्रवाई कर उच्च अदालत में न्याय पाने का मौका छीन लिया। अखिलेश ने कहा कि जो अन्य धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे सनातनी नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मुद्दे को सांप्रदायिक रंग दे रही है।
जिला अदालत ने 2 सितंबर को मस्जिद समिति की अपील खारिज कर दी थी। इसके बाद शनिवार सुबह कार्रवाई हुई। परिसर को किले जैसा बना दिया गया। पांचों प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए और आम लोगों व वकीलों को प्रवेश नहीं करने दिया गया। पांच कंपनियां प्रांतीय सशस्त्र पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की गईं। अधिकारियों के अनुसार, सहारनपुर सिटी मजिस्ट्रेट ने 16 जुलाई 2026 को संरचना को अवैध घोषित किया था। यह याचिका 2025 में बजरंग दल क्षेत्रीय संयोजक विकास त्यागी की शिकायत पर दायर हुई थी।
सहारनपुर रेंज डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि कार्रवाई से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाया गया। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। यह घटना योगी सरकार की बुलडोजर नीति पर विपक्षी हमलों को फिर तेज कर सकती है।
Updated on:
05 Sept 2026 07:10 pm
Published on:
05 Sept 2026 07:10 pm
