
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बुलडोजर चलने की सूचना पर आ रहीं सांसद इकरा हसन को पुलिस ने रोका। (Photo: Video Grab/IANS)
Saharanpur Mosque Demolition: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रशासन ने शनिवार को सुबह छह बुलडोजर लगाकर कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि इकरा हसन के संवैधानिक अधिकारों को रौंदा गया है। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यह सिर्फ मस्जिद का मामला नहीं, बल्कि कानून और संविधान के उल्लंघन का मामला है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि इकरा हसन हमारी पार्टी की सांसद हैं और मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें स्थानीय विधायक और अन्य लोगों के साथ हाउस अरेस्ट किया गया है। यह उनका संवैधानिक अधिकार है और बीजेपी पूरी तरह से इस संवैधानिक अधिकार को रौंद रही है। इससे बड़ा लोकतंत्र के लिए खतरा और क्या हो सकता है, जो कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोई घटना होती है तो जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी होती है कि वह मौके पर जाए, लोगों से बात करे और समस्याओं का समाधान करे, इसलिए सरकार का यह कदम अलोकतांत्रिक है और हम इसकी निंदा करते हैं।
सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि 2027 के चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, बीजेपी लगातार राज्य में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रही है। महंगाई, छात्रों की बेरोजगारी, किसानों की परेशानी और कानून-व्यवस्था की स्थिति, जिसमें हो रही हत्याएं भी शामिल हैं, आगामी चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी उत्तर प्रदेश में 50 सीटें भी हासिल कर लेती है तो यह पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ा आश्चर्य होगा।
सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यह सिर्फ मस्जिद की बात नहीं है। सिर्फ मस्जिद प्रभावित नहीं हुई है, बल्कि देश के कानून और संविधान का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि केवल मस्जिद को ध्वस्त नहीं किया गया है बल्कि वहां संविधान की धज्जियां उड़ाई गई हैं। आप यह साबित नहीं कर सकते कि जमीन आपकी है। खसरा रिकॉर्ड के आधार पर आपने दावा किया है कि यह सरकारी कलेक्ट्रेट की जमीन है। लेकिन आज भी कलेक्ट्रेट की जमीन वहीद खान और याकूब खान के नाम दर्ज है, जिनकी जमींदारी में यह मस्जिद बनी थी।
आज भी यह जमीन उन्हीं के नाम दर्ज है। मस्जिद वक्फ बोर्ड में दर्ज है, लेकिन आपने वक्फ बोर्ड को पक्षकार नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि मैं जेपीसी का सदस्य रहा हूं और वक्फ बाय यूजर यह साबित करता है कि यह मस्जिद है। इसके बिल मौजूद हैं, वहां लगातार नमाज पढ़ी जाती रही है।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 70 साल पुरानी मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शनिवार तड़के 4 बजे शुरू हुई। छह बुलडोजर लगाए गए और मस्जिद का एक हिस्सा गिराया दिया गया। मौके पर PAC, RAF और पुलिस के करीब 200 जवान तैनात हैं। कार्रवाई की जानकारी मिलने पर कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर पहुंच रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
Updated on:
05 Sept 2026 03:05 pm
Published on:
05 Sept 2026 01:24 pm
