
नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अपनी पसंद की दुल्हन से शादी करना एक आदमी को भारी पड़ गया। बलूचिस्तान प्रांत के नासीराबाद गांव के अब्दुल बकी अपने परिवार को अपनी पसंद के बारे में बताते हुए बड़ा खुश था। वो अपने परिवार से बता रहा था कि उसे एक लड़की पसंद है और वो उससे शादी करना चाहता ।है लेकिन उसकी पसंद उसके अब्बा और उसके भाइयों को नागवार गुजरी। उसकी गलती बस इतनी थी कि वो अपनी इच्छा से अपनी जिंदगी का इतना बड़ा फैसला लेना चाहता था। 22 साल के अब्दुल ने अपनी शादी का रिश्ता ले जाने के लिए अपने परिवार के सामने प्रस्ताव रखा। लेकिन ये बात उसके अब्बा और उसके भाइयों के गाले नहीं उतरी और फिर जो हुआ वो बस हैवानियत का मंजर बयान करता है।
अब्दुल 70 वर्षीय पिता दोस्त मोहम्मद और चार भाइयों- अब्दुल गनी, अब्दुल सत्तार, अब्दुल रहमान और अब्दुल करीम ने उसे कमरे में ले जा के "चम्मच से उसकी आंखें निकाल दीं"। अपने बेटे के लिए रहम की भीख मांगती मां को उन्होंने एक कमरे में बंद कर दिया ताकि वह हस्तक्षेप न कर सके। कराची में जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में भर्ती अब्दुल ने कराहते हुए कहा कि, "मैंने अपने पिता और भाइयों से अनुरोध किया कि मैं उस लड़की से शादी करना चाहता हूं जिसे मैं पसंद करता हूं। "मेरे पिता पहले सहमत हुए। लेकिन, तीन घंटे बाद मुझे मेरे पिता और चार भाई कमरे में ले गए जहां उन्होंने मुझे बिस्तर पर बांध दिया और मेरी आंखें बाहर निकालने लगे। "मैंने उन पर चिल्लाना जारी रखा कि वे क्या कर रहे हैं? लेकिन उन्होंने मेरी अपील नहीं सुनी।"
अपने साथ हई इस दुखद घटना को बताते हुए, बाकी ने कहा कि "मेरे पिता ने मेरी आंख निकलने के लिए चम्मच का इस्तेमाल किया। मैंने देखा कि मेरी आंख सॉकेट से लटक रही है। "फिर उन्होंने नसों को काटने के लिए एक चाकू का इस्तेमाल किया। "जब उन्होंने मेरी पहली आंख निकाल दी, तो मैंने उनसे मुझे छोड़ने का अनुरोध किया। लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी और मेरी दूसरी आंख भी निकाल दी। "समाप्त होने के बाद, मैंने उनसे अनुरोध किया कि कृपया मुझे मार डालें लेकिन उन्होंने जवाब दिया कि वे चाहते हैं कि मैं गांव के अन्य लड़कों के लिए एक उदाहरण बनूं।" अब्दुल बाकी को अपने अन्य भाई बहनों द्वारा क्वेटा में सरकारी संचालित अस्पताल ले जाया गया, इस घटना की जानकारी उन्हें पड़ोसियों ने दी।
इसके बाद अब्दुल को तुरंत कराची के जिन्ना पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल सेंटर में भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वो अब कभी नहीं देख पाएगा। अस्पताल में अब्दुल के साथ उनके 24 वर्षीय भाई अब्दुल गफ्फर ने कहा, "जब घटना हुई तो मैं घर पर नहीं था। मुझे अपने पड़ोसी से फोन आया कि आपके घर में कुछ गड़बड़ है। "मैं तुरंत घर पहुंचा और मैं अपने भाई को दर्द में रोने के लिए चौंक गया। "हमारे पास घर पर कोई पैसा नहीं था। कुछ दोस्तों और पड़ोसियों ने हमें 35000 रुपए की मदद मिली। "हम उन्हें क्वेटा से एक अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने हमें बताया कि अगर हम उसे कराची ले जाएंगे, तो उनकी एक आंख बचाई जा सकती है। लेकिन कराची के जिन्ना अस्पताल के डॉक्टरों ने हमें बताया कि वह फिर से देखने में सक्षम नहीं होंगे।" पुलिस अब इस धटना की जांच में जुट गई है। आरोपी पिता और दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक उसके दूसरे दो भाइयों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है, वो अब तक फरार हैं।
Published on:
17 May 2018, 9:17 AM IST
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