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Lal Bahadur Shastri Jayanti: वो बातें जो आप लाल बहादुर शास्त्री के बारे में नहीं जानते होंगे !

Lal Bahadur Shastri Jayanti: 2 अक्टूबर को गांधी जंयती (Gandhi Jayanti) के अलावा लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की जयंती भी मनाई जाती है।  

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Vivhav Shukla

Oct 02, 2020

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Lal Bahadur Shastri Jayanti:

Lal Bahadur Shastri Jayanti: भारत में हर साल 2 अक्टूबर को हम गांधी जंयती (Gandhi Jayanti) के साथ-साथ हम देश पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की जयंती भी मनाई जाती है। उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में दो अक्टूबर, साल 1904 को जन्मे शास्त्री का भी देश की आजादी में बहुत बड़ा योगदान रहा है। वे साल 1920 यानी 16 साल की उम्र में ही भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे। आज शास्त्री जी के जयंती के मौके पर हम आपको उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें बताने जा रहे हैं। ये वो बाते हैं जो बेहद कम लोग जानते हैं।

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1- देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में पहली बार 17 साल की उम्र में जेल गए लेकिन बालिग न होने की वजह से उनको छोड़ दिया गया।

2- लाल बहादुर शास्त्री जब केवल डेढ़ वर्ष के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था। जिसके बाद उन्हें चाचा के साथ रहने के लिए भेज दिया गया था ताकि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।

3- शास्त्री को घर पर सब नन्हे कहकर बुलाते थे। नन्हे अपने बचपन में कई मील की दूरी नंगे पांव ही तय कर विद्यालय जाते थे।

4- लाल बहादुर शास्त्री जब 11 साल के थे तभी देश के आजादी के लिए कुछ करने का मन बना लिया था। इसके बाद वे 16 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ कर गांधी जी के असहयोग आंदोलन में शामिल हो गए।

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5- शास्त्री जी जब जेल में थे तब उनकी पत्नी चुपके से उनके लिए दो आम छिपाकर ले आई थीं लेकिन इस पर खुश होने की बजाय उन्होंने उनके खिलाफ ही धरना दे दिया। उन्होंने अपनी पत्नी से कहा कैदियों को जेल के बाहर की कोई चीज खाना कानून के खिलाफ है।

6- जब लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री बने, तब देश में खाने की चीज़ें विदेशों से आयात की जाती थीं लेकिन साल 1965 में पाकिस्तान से जंग होने के बाद देश में भंयकर सूखा पड़ा गया। जिसके बाद शास्त्री जी ने देशवासियों से एक दिन का उपवास रखने का अनुरोध किया और 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया।

7- पाकिस्तान के साथ जंग खत्म करने के लिए लाल बहादुर शास्त्री ताशकंद गए थे। इसके अगले ही दिन खबर आई कि हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई है। लेकिन अभी कई लोगों का मानना है कि उन्हें जहर देकर मारा गया था।हालांकि इस पर अभी भी संदेह बरकरार है ।