
नजर न आने वाला यह खतरा है आपके चारों तरफ, न जलता है न गलता है!
नई दिल्ली। आज हम आपको जिस पदार्थ के बारे में बताने जा रहे हैं वह लगभग हर घर में पाया जाता है। एस्बेस्टस ग्रीक भाषा का शब्द है। इसका मतलब होता है ऐसा पदार्थ जिसमें आग नहीं लगती। प्राकर्तिक रूप में यह सिलिकेट का एक प्रकार है। पहले बात कर लेते हैं कि इस पदार्थ से क्या-क्या बनता है और यह कहां-कहां पाया जाता है। एस्बेस्टस का इस्तेमाल सीमेंट से बनी लगभग सभी चीजों में किया जाता है। निर्माण उद्योग में इसका उपयोग तेजी से किया जा रहा है। दुनियाभर के वैज्ञानिक और विशेषज्ञों को डर है कि आने वाले समय में इस पदार्थ से मनुष्य जाति को खतरा हो सकता है।
यह पदार्थ नहीं होता घुलनशील
दरअसल, एस्बेस्टस एक ऐसा पदार्थ है जो कई साल तक जस का तस बना रहता है। यह पदार्थ छोटे-छोटे रेशों ने मिलकर बना होता है। इसका एक रेशा केवल तीन माइक्रोमीटर मोटा होता है। साथ ही यह पदार्थ घुलनशील नहीं होता इसलिए फेफड़ों में लंबे समय तक बना रह सकता है। शरीर के भीतर जाने के दशकों बाद भी यह रेशा फेफड़ों के कैंसर ( cancer ) जैसी बीमारी पैदा कर सकता है।
50 देशों में है प्रतिबंधित
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एस्बेस्टस कनाडा सहित दुनिया के करीब 50 देशों में प्रतिबंधित है लेकिन इन देशों की कंपनियां अभी भी चीन , भारत और मैक्सिको जैसे विकासशील देशों को एस्बेस्टस का निर्यात कर रहे हैं। एस्बेस्टस के इस्तेमाल को लेकर लगातार हो रही वैज्ञानिक बहस के साथ-साथ एस्बेस्टस विकासशील देशों में अग्निरोधक छतों के निर्माण, पानी के पाइप और भवन निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा है।
Published on:
06 Jun 2019 10:01 am
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