
Doctor
नई दिल्ली। दुनियाभर के डॉक्टर्स ( Doctors ) अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना ( coronavirus ) की चपेट में आ चुके मरीजों को ठीक करने में लगे हैं। लेकिन इस बीच चीन से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
कोरोना से संक्रमित मरीजों को ठीक करते हुए कई डॉक्टरों की तो इससे मौत भी हो गई। चीन में भी कोरोना के मरीजों का इलाज करते हुए कई डॉक्टर ( Doctor ) संक्रमण के शिकार हो गए। अब कोरोना के मरीजों में यह देखने में आया है कि ठीक होने के बाद उनकी स्किन के कलर में बदलाव आ जाता है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा हार्मोनल डिसबैलेंस होने की वजह से हो रहा है। हालांकि कई लोगों का यह भी कहना है कि कोरोना का इन्फेक्शन होने पर लिवर डैमेज होने लगता है, जिससे हार्मोन के स्राव में कुछ बदलाव आने लगता है और इसी वजह से इंसान का चेहरा काला ( Black ) पड़ जाता है।
दो चाइनीज डॉक्टरों का बदला रंग
चीन के डॉक्टर ई फान और डॉक्टर हू वीफेंग को जब कोरोना का संक्रमण हो गया तो उनके इलाज के लिए इसीएमओ ( ECMO ) नाम की लाइफ सपोर्ट मशीन का उपयोग किया गया। इन्हें जनवरी में कोरोना का संक्रमण हुआ, जब ये वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज कर रहे थे।
डॉक्टर ई फान और डॉक्टर हू वीफेंग डॉक्टर ली वेनलियांग के सहयोगी थे, जिन्होंने सबसे पहले कोरोना के बारे में जानकारी दी थी, उनकी मौत कोरोना के संक्रमण की वजह से 18 जनवरी को हो गई थी। डॉक्टर ई फान और डॉक्टर हू वीफेंग को कोराना का संक्रमण होने पर वुहान के हॉस्पिटल में ले जाया गया।
जहां लंबे समय तक चले इलाज के बाद ये डॉक्टर ठीक तो हो गए, लेकिन इनके चेहरे का रंग पूरी तरह बदल चुका था। दरअसल ऐसा लिवर के फंक्शन में समस्या पैदा होने की वजह से हुआ। इसीएमओ मशीन के जरिए इनके हार्ट और लंग्स के फंक्शन को ठीक रखा गया।
अभी डॉक्टर ई फान हॉस्पिटल में ही भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि वे अब अब ठीक हैं, लेकिन फिलहाल वे चल फिर नहीं सकते। उनका कहना था कि जब उन्हें होश आया और अपनी हालत के बारे में पता चला तो गहरा सदमाा पहुंचा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर उनकी काउंसलिंग भी कर रहे हैं, ताकि वो जल्दी इससे उबर सकें।
Published on:
22 Apr 2020 09:46 am
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