
coldest school
नई दिल्ली। अपने देश में जरा सी ठंड पड़ने लगती है तो लोग रजाई से बाहर निकलने से बचते है। लेकिन आपको यह जानकर हैरान होगी कि दुनिया एक जगह ऐसी है जहां पर सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। यहां पर -51 डिग्री तापमान में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ने के लिए घर से बाहर स्कूल जाते है। इसको दुनिया का सबसे ठंडे स्कूल में शामिल किया गया है। ठंड से बचने के लिए बच्चे मफलर और स्वेटर्स से खुद को ढ़ककर स्कूल जाते है। हम बात कर रहे है साइबेरिया देश की जहां पर सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है।
दुनिया का सबसे ठंडा स्कूल
साइबेरिया एक ऐसा देश जो सबसे ठंडा होता है। आपको यह जानकर हैरान होगी कि यहां हर एक एरिया लगभग सालभर बर्फ में ढंका रहता है। यहां पर सभी लोग घर से बाहर निकलकर काम करते है। आपको बता दें कि साइबेरिया के ओएमयाकोन में दुनिया का सबसे ठंडा स्कूल है। यहां तापमान .50 डिग्री के आसपास ही होता है। इसके बावजूद बच्चे हर दिन स्कूल में पढ़ने आते हैं।
दूर.दूर से पढ़ने आते हैं बच्चे
ओएमयाकोन में हांड कंपाने वाली ठंड में छोटे.छोटे बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। यह सभी बच्चे 11 साल से छोटे होते है। खास बात यह है कि ये स्कूल तब ही बंद होते हैं जब यहां तापमान .52 के नीचे जाता है। तब तक स्कूल खुले रहते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस स्कूल का निर्माण साल 1932 में किया गया था। इस स्कूल में दूर.दूर से बच्चे पढ़ने आते हैं। खासकर यहां से सटे खारा तुमूल और बेरेग युर्डे गांव के बच्चे भी स्कूल में पढ़ने आते हैं।
हाल ही में पहुंची है बुनियादी सुविधाएं
आपको यह जानकर हैरान होगी कि साइबेरिया के ओएमयाकोन शहर तक पहुँचने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। एक तो यहां ठंड काफी पड़ती है। उसके अलावा यहां पोस्ट ऑफिस और बैंक जैसी बुनियादी सुविधाएं हाल ही में पहुंची है। ऐसे में स्कूल में ठंड में बच्चों को देखकर हर कोई हैरान रह जाता है।
Published on:
13 Dec 2020 01:16 pm
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