23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां 15 दिन के लिए खुलता है ‘नरक का द्वार’, भूखे ‘भूतों’ को खिलाते है टेस्टी खाना

कंबोडिया में साल में एक बार 15 दिन के लिए खास त्यौहार होता है, जिसमें माना जाता है कि नरक का द्वार खुल जाता है। इस दौरान लोग भूत-प्रेतों को टेस्टी खाना ऑफर करते हैं। जो भूत भूखे रह जाते हैं, वो उनके परिवार को दुख झेलने पड़ते हैं।

2 min read
Google source verification
Khmer Lunar calendar

Khmer Lunar calendar

दुनिया ने बहुत तरक्की कर ली है। आज अंधविश्वास और रूढ़िवादी विचार और परंपरा को तोड़कर लोग आगे बढ़ रहे है। लेकिन धर्म की पुरानी प्रथा को लेकर लोग आज भी अंधविश्वास में जी रहे है। दुनिया में कई जगह ऐसी जहां पर आज भी भूत—प्रेत और आत्मा पर लोग यकीन करते है। आत्मा का नाम सुनते ही कई डर के मारे सहम जाते है। क्योंकि लोगों की धारणा है कि बुरी आत्माएं और भूत उनको नुकसान पहुचा सकते है। इस दुनिया में एक जगह ऐसी है जहां पर लोग भूतों को बुलाते है और उनके भरपेट टेस्टी भोजन करवाते है। आइए जानते है इस अनोखी परंपरा के बारे में।


हम बात कर रहे है कंबोडिया (एशियन कंट्री) की। मिरर के अनुसार यहां शरद ऋतु में एक फेस्टिवल होता है जिसे पचम बेन फेस्टिवल कहा जाता है। हर साल यह सितंबर और अक्टूबर के बीच खमेर चंद्र कैलेंडर के 10वें महीने के दौरान 15 दिनों के लिए आयोजित होता है। इस दौरान माना जाता है कि पाताल लोक में नर्क के द्वार खुल जाते हैं और भूखे प्रेत बाहर घूमने लगते हैं। यहां अनोखी मान्यता है कि इस फेस्टिवल के दौरान भूखी बुरी आत्माएं और भूत को बुलाते है। उनको खाना खिलाकर शांत करते है।


कंबोडिया में साल में एक बार 15 दिन के लिए खास त्यौहार होता है। इसमें माना जाता है कि नरक का द्वार खुल जाता है। इस अवधी के दौरान लोग भूत-प्रेतों को टेस्टी खाना देते है। ताकि वो संतुष्ट हो सकें। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दौरान 4 तरह के प्रेतों के लिए दावत दी जाती है। ये लोग अपने परिवारों को ढूंढते हुए आते हैं, ताकि उन्हें पेटभर खाना मिल सके। मान्यता है कि वो कब्रों और मंदिरों के आसपास खाने की तलाश में घूमते रहते हैं।

यह भी पढ़ें- युद्ध का अखाड़ा बनी ट्रेन! सीट को लेकर भिड़ गईं महिलाएं, जमकर चले लात-घूसे, देखें वीडियो


मान्यता है कि यहां पर 4 तरह के भूत-प्रेत बाहर निकलते है। इनमें एक भूखे भूत होते हैं। अन्य भूत खून और मवाद से बने होते हैं और वह लगातार जलते रहते हैं। पकरक्तकतोपक चिवि नाम के भूतों को परिवार के लोग खाना देते है। यह खाना संन्यासियों के ज़रिये मिलता है। ऐसा करते है कि बाकी भूतों को अपने पाप कम करने के बाद कुछ खा मिलता है। जिन्हें भरपेट खाना मिलता है, वे प्रेत परिवार को आशीर्वाद देकर जाते हैं। जो भूत भूखे रह जाते हैं, वो उनके परिवार को दुख झेलने पड़ते हैं।

यह भी पढ़ें- खुद की बेइज्जती कराने के लिए इस महिला को पैसे देते हैं लोग, 2 घंटे के कमाती है इतने लाख रुपए