3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना: पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी झेल रहे लॉकडाउन की मार, नहीं मिल रहा खाना

लॉकडाउन (Lockdown) का प्रभाव सबसे ज्यादा देश के दिहाड़ी मज़दूरों पर पड़ा है। लेकिन इनसे भी बुरा हाल लेकिन पाकिस्तान से भारत आए हिंदू शरणार्थी (Hindu refugees) है  

2 min read
Google source verification
lockkk.jpg

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस (coronavirus in india) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सरकार वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मोदी सरकार ने कोरोना (coronavirus) के चलते लॉकडाउन (Lockdown) को बढ़ा कर कर 3 मई तक कर दिया। लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से कोरोना पर थोड़ी लगाम तो है लेकिन इसकी वजह से देश के एक तबके को काफी दिक्कतें का सामना कर पड़ रहा है।

कोरोना वायरस से बचने के लिए महिला ने बनाया पत्तों का मास्क, फोटो वायरल

लॉकडाउन (Lockdown) का प्रभाव सबसे ज्यादा देश के दिहाड़ी मज़दूरों पर पड़ा है। लेकिन इनसे भी बुरा हाल लेकिन पाकिस्तान से भारत आए हिंदू शरणार्थी (Hindu refugees) है। इनके पास ना तो खाने के लिए खाना है। ना ही रहने के लिए घर। लॉकडाउन में जब लोगों से घरों में रहने की अपील की जा रही है तो इन्हें समझ नहीं आ रही जाए तो कहां जाए, खाएं तो क्या खाएं।

सरकार भी उन्हीं को राशन दे रही है जिसके पास राशन कार्ड है ऐसे में इन्हें एख भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

BBC की एख रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान (Pakistan) के सींदड़ा साल 2014 में भारत आए एक शख्स का कहना है कि कोरोना से देश में रहने वालें सभी लोग परेशान हैं लेकिन हम उनसे थोड़ा परेशान है। देश के नागरिकों के पास तो राशन कार्ड हैं, हमारे पास वो भी नहीं हैं। सरकारी जमीन पर रहते हैं. सरकार की किसी भी योजना में हमें कुछ नहीं मिलता है।

कोरोना: मरीज के वेंटिलेटर से हटते ही डॉक्टर करने लगे Moonwalk, वीडियो वायरल

शख्स ने बताया कि उनके परिवार में कुल 8 सदस्य हैं। लॉकडाउन के चलते उनके परिवार ने कई दिनों से खाना खाया है । उन्होंने कहा लॉकडाउन से पहले वह सिलाई का काम करके दिन के 200 रूपए तक कमा लेते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद काम मिलना बंद हो चुका है। ऐसे में परिवार का पेट पालने के लिए उनके पास कोई विकल्प नहीं है।