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जेल में बंद लुटेरे की जली दिमाग की बत्ती, फिर इस गंदे काम से बन गया करोड़पति

2012 से पहले अरकान संभल व गाजियाबाद में कई लूटपाट को अंजाम दे चुका था।

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crorepati car chor arrested by police

जेल में बंद लुटेरे की जली दिमाग की बत्ती, फिर इस गंदे काम से बन गया करोड़पति

नई दिल्ली। दिल्ली से सटे नोएडा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने एक ऐसे शातिर कार चोर को गिरफ्तार किया है जो अनपढ़ होने के साथ-साथ करोड़पति भी है। मिली जानकरी के अनुसार इस चोर का नाम है अरकान बताया गया है, अरकान संभल का रहने वाला है। इसपर कार चोरी कर करोड़पति बनने का आरोप तब लगा जब हाल ही में नोएडा पुलिस ने उसे एक स्विफ्ट कार के साथ पकड़ा। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद पूछताछ में पता लगा कि आरोपी अरकान सिर्फ नई व महंगी कारों को चुराता था और उसे अच्छे दाम में बेच देता था। देखते-देखते 5 सालों में वह करोड़पति बन गया और अब वह एक गैंग का सरगना भी बन गया था जिसमें 20 से ज्यादा लोग शामिल हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एएसपी अमित कुमार ने बताया कि 2012 से पहले तक अरकान संभल व गाजियाबाद में कई लूटपाट को अंजाम दे चुका था। उसने संभल में 20 लाख की डकैती की थी। जिसके बाद 2012 में वह एक मामले में आरोपित घोषित कर तिहाड़ जेल में कारावास की सजा सुनाई गई थी। तिहाड़ में जेल काटते समय ही उसे 2 मिनट में कार चुराने का आइडिया मिला। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि 2012 से पहले तक अरकान संभल व गाजियाबाद में कई लूटपाट को अंजाम दे चुका था। उसने संभल में 20 लाख की डकैती को अंजाम दिया था। 2012 में वह एक मामले में तिहाड़ जेल में बंद हुआ था। यहां उसे 2 मिनट में कार चुराने के टिप्स मिले और फिर उसके दिमाग ने कुछ खुराफाती करने की सोची।

पुलिस को दी जानकरी में अरकान ने बताया की जेल से छूटने के बाद वह वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देने लगा। वह इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्रामिंग वाले उपकरण की मदद से 2 मिनट में कार को अनलॉक कर मॉल या सोसायटी की पार्किंग में लगा देता था। इसके बाद आरोपी गाड़ियों की डिटेल मणिपुर में बैठे साथी को देता था। फिर उसका साथी चेसिस नंबर के आधार पर फर्जी कागजात तैयार कराकर उसे फ्लाइट से दिल्ली-नोएडा ले आते थे। इसके बाद गाड़ियों को वे सड़क मार्ग से मणिपुर ले जाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि ये गैंग ऑन डिमांड गाड़ियां चुराकर उन्हें सप्लाई करता था। भंडाफोड़ होने पर इस गैंग ने बताया कि वे नई स्विफ्ट को 2 लाख रुपए तक और क्रेटा को 4 लाख रुपए तक में सेकेंड हैंड बताकर पूरे कागजात के साथ बेचे देते।