
हमारे आयुर्वेद में हजारों साल पहले खानपान से कई बीमारियों से बचाव व इलाज का सिद्धांत बताया जा चुका था। आहार चिकित्सा के सिद्धांत पर नेचुरोपैथी भी भारत में प्रचलित है। वैसे दुनियाभर में आयुर्वेद को मान्यता मिल रही है लेकिन कई देशों में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञ इसे अपने-अपने ढंग से अमल में लाते हैं।
अब अमरीका में डॉक्टर मरीजों के इलाज के साथ आहार चिकित्सा पर भी ध्यान दे रहे हैं। डायबिटीज, हाइपरटेंशन व अन्य ऐसी बीमारियां जिनका इलाज महंगा पड़ता है, इनके मरीजों के लिए डॉक्टरों से लेकर अस्पताल बाकायदा आहार को चिकित्सा के रूप में बता रहे हैं। अमरीका के कृषि विभाग ने औषधीय गुणों वाली फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए अपने बजट में 40 लाख डॉलर (करीब 28 करोड़ रु.) का प्रावधान भी किया है। डायबिटीज व हृदय रोगियों को इंसुलिन व बीटा ब्लॉकर दवाओं के साथ ब्रोकली, ग्रेपफ्रूट (चकोतरा) खाने को कहा जा रहा है।
खाना पकाने का तरीका भी बता रहे
43 वर्षीय एड्रिनी डोव को हाइपर टेंशन व खून की कमी की समस्या है। डॉक्टर उन्हें फ्राइड चिकन व जंक फूड खाने से मना कर रहे थे लेकिन डोव ने ध्यान नहीं दिया। अब वे फूड मेडिसिन के तहत पत्तागोभी, केले व बींस नियमित रूप से खाती हैं। पेनसिल्वेनिया में डायबिटीज के सात सौ से ज्यादा मरीजों को सही आहार की जानकारी देने के लिए भोजन को सही तरीके से पकाने की विधि भी सिखाई जा रही है। दो साल में यहां खानपान में बदलाव से कई मरीजों में शुगर का स्तर नियंत्रित हुआ है।
यहां सालाना एक परिवार का औषधीय भोजन का खर्च साढ़े ३ हजार डॉलर आया। इससे उनकी शुगर की दवाएं कम हुईं और इससे इलाज का खर्च कम हुआ है। मरीजों को दवा की तरह ही औषधीय गुण वाले आहार के बारे में लिखकर दिया जाता है। उन्हें ताजे फल, सब्जियां और भोजन लेने की सलाह देते हैं। फूड मेडिसिन स्टोर पर न्यूट्रिशनिस्ट भी होते हैं जो मरीजों को आहार चिकित्सा के बारे में समझाते हैं। क्लेरा प्राइस को हाइपर टेंशन,डायबिटीज व हाई कोलेस्ट्रॉल है। उन्होंने डिनर में पास्ता की जगह हरी सब्जियां व नाश्ते में ओट्स के साथ फ्रेश स्ट्राबेरी व केले लेने की सलाह दी गई है।
हैल्दी फूड खरीदने के लिए वाउचर दिए जाते हैं
फूड मेडिसिन के लिए प्रोड्यूस आरएक्स प्रोजेक्ट को पिछले अप्रेल से शुरू किया गया है। इसके तहत अस्पतालों से पांच सौ मरीजों को उनकी बीमारी के हिसाब से खाए जाने वाले हैल्दी फूड खरीदने के लिए अस्पतालों से 20 डॉलर प्रति सप्ताह के हिसाब सालभर तक वाउचर दिए जाएंगे। अमरीका के वाशिंगटन डीसी के जिस इलाके में इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है वह बीमारू क्षेत्र माना जाता है। यहां डायबिटीज से मृत्यु दर व हृदय रोगियों की संख्या अधिक है। इसलिए ऐसे वाउचर दिए जा रहे हैं।
सिर्फ आहार पर्याप्त या पोषक तत्व भी जोड़ें
रीटा ग्वैन कहती हैं कि हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आहार की सही खुराक कितनी होनी चाहिए। क्या अकेले आहार से ही फायदा होगा या इसमें अन्य पोषक तत्व भी जोडऩे चाहिए ताकि मरीज जल्द स्वस्थ हो सकें।
Published on:
03 Jan 2021 04:08 pm
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