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इस IAS के ठुमकों पर झूम उठते हैं लोग, पढ़िए एक डांसर कैसे पहुंची इतने बड़े मुकाम पर

आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी शख्सियत के बारे में जो आपको बहुत कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देगी।

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IAS Kavitha Ramu

इस IAS के ठुमकों पर झूम उठते हैं लोग, पढ़िए एक डांसर कैसे पहुंची इतने बड़े मुकाम पर

नई दिल्ली। जज्वा, जुनून और आत्मविश्वास से इंसान सब कुछ हासिल कर सकता है। यह सच कर दिखाया है, तमिलनाडु काडर की आईएएस कविता रामू ने। वैसे तो यह देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा की एक मजबूत कड़ी हैं। मगर जब पैरों में घुंघरू बांध कर मंच पर भरतनाट्यम करती हैं तो लोग मंत्रमुग्ध होकर बस देखते ही रह जाते हैं।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी शख्सियत के बारे में जो आपको बहुत कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देगी। कविता रामू की सफल जिंदगी ऐसे लोगों के लिए भी प्रेरणा की कहानी है जो एक साथ दो रास्तों पर चलते हैं।

दरअसल, कविता का चयन 2002 में तमिलनाडु काडर के लिए हुआ था। लेकिन, प्रशासनिक अफसर बनने के बाद भी उन्होंने अपना जुनून कम नहीं होने दिया और आज देश की मशहूर भरतनाट्यम नृत्यांगना के तौर पर अपनी एक अलग पहचान बना चुकी हैं।

कविता देश-विदेश में अब तक छह सौ से अधिक स्टेज परफार्मेंस कर चुकीं हैं। इसके लिए उन्हें कई अवार्ड भी मिल चुके हैं। कविता रामू के यहां तक पहुंचने की कहानी बड़ी दिलचस्प है। जब कविता महज चार साल की थीं, जब उनकी मां ने उन्हें भरतनाट्यम सिखाना शुरू किया था। बाद में उन्होंने प्रख्यात डांसर नीला कृष्णमूर्ति को गुरु बनाकर डांस की बारीकियां सीखनी शुरू की।

कविता ने अपनी पहली स्टेज परफॉर्मेंस महज आठ साल की उम्र में तमिलनाडु के चिदंबरम शहर में विश्व तमिल कांफ्रेंस (World Tamil Conference) में किया था। इतने बड़े आयोजन में सफल प्रस्तुति देने पर कविता का काफी आत्मविश्वास बढ़ा और फिर यहीं से स्टेज परफार्मेंस का सिलसिला शुरू हो गया। बाद में कविता ने प्रख्यात डांसर केजे सरसा से भरतनाट्यम की ट्रेनिंग ली।

पिता थे आईएएस
कविता को भरतनाट्यम का पैशन तो था ही लेकिन वह आईएएस पिता एम रामू के पदचिन्हों पर भी चलती रहीं। ऐसे में एक तरफ का रास्ता भरतनाट्यम में करियर की तरफ जाता था तो दूसरा रास्ता उन्हें प्रशासनिक सेवा की तैयारी की तरफ ले जाता था। आखिर कविता रामू ने दोनों में संतुलन साधने की कोशिश कीं और 2002 में उनका चयन संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा में हो गया।

आज भी करती हैं रियाज

इससे पहले 1999 में कविता का चयन तमिलनाडु स्टेट सिविल सर्विसेज में हो चुका था। कविता ने अर्थशास्त्र से ग्रेजुएशन किया है और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (लोक-प्रशासन) में मास्टर्स की डिग्री ली है। आज भी कविता अपने सभी काम पूरा करने के बाद रियाज करना नहीं भूलती हैं।