
नई दिल्ली। लॉकडाउन (Lockdown) में फसे अपने अपने पिता को गुरुग्राम से बिहार (Bihar) के दरभंगा साइकिल पर ले जाकर ज्योति ( Jyoti ) ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। जब से उनकी कहानी मीडिया में आई लोग उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं। कई लोग उनकी मदद के लिए अपना हाथ बढ़ा रहे हैं। इनमें से एक हाथ साइकिलिंग फेडरेशन का भी है।
भारतीय साइकिलिंग फेडरेशन (*Cycling Federation of India) के डायरेक्टर और भारतीय टीम के एंड्यूरेंस इवेंट के चीफ़ कोच वीएन सिंह ने ज्योति की मदद करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि अगर 14 साल की बच्ची ने ऐसा किया है तो वाकई उसमें बहुत टैलेंट है. हम उसे आज़माकर मौक़ा देने की कोशिश करेंगे। उन्होंने बताया कि तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी अगर एक दिन में 100 किलोमीटर साइकिल चलाते हैं तो उसे अच्छी ट्रेनिंग कहा जाता है। ऐसे में ज्योति इनसबकों पछाड़ सकती हैं।
Ivanka Trump ने की ज्योति की तारीफ
राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) की बेटी इवांका ट्रंप (Ivanka Trump) ने भी ज्योती की सराहना की है। उन्होंने बच्ची की एक न्यूज शेयर करते हुए लिखा कि '15 साल की ज्योति कुमारी ने अपने जख्मी पिता को साइकल से सात दिनों में 1,200 किमी दूरी तय करके अपने गांव ले गई। यह भारतीयों की सहनशीलता और उनके अगाध प्रेम के भावना का परिचायक है।'
कौन हैं ज्योति?
ज्योति लॉकडाउन (Lockdown) में वजह से परेशान अपने पिता को साइकिल पर बिठाकर एक हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी सात दिन में तय करके गुड़गाव से बिहार के दरभंगा गई थी। 15 साल की ज्योति दो दिनों तक भूखी भी रही। वे एक दिन में 100 से 150 किलोमीटर साइकिल चलाती थी। उन्होंने 1200 KM की दूरी 7 दिनों में पूरी कर ली। रास्ते में कई परेशानियां भी आईं लेकिन हर बाधा को ज्योति बिना हिम्मत हारे पार करती गई।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि गर्मी ज्यादा होने के कारण बीच-बीच में अपने चेहरे पर पानी मारकर थोड़ा आराम करती इसके बाद फिर आगे निकल पड़ती थी।
अब जब उन्हें हर तरफ से मदद मिल रही है तो उनका मनोबल बढ़ गया है। ज्योति ने कहा कि वह लॉकडाउन के बाद दिल्ली जाकर टेस्ट देगी। वह पढ़ाई के साथ साइकिलिंग भी करना चाहती है। मौका मिला तो वह साइकिलिंग में देश का प्रतिनिधित्व करना व गोल्ड मेडल जीतना चाहती है।
Updated on:
23 May 2020 08:16 am
Published on:
22 May 2020 09:46 pm
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