30 सितंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

2020 के ओलंपिक से पहले जापान ने मेहमानों के लिए किया ऐसा आविष्कार,जान खुशी से झूम उठेंगे मुसलमान

आविष्कार के मामले में जापान का वाकई में कोई तोड़ नहीं। हाल ही में जापान को एक नई समस्या दिखी, लेकिन इस देश ने इसका भी समाधान निकाल लिया।
2 min read
Google source verification

•

image

Arijita Sen

•

Jul 26, 2018

moving mosque

2020 के ओलंपिक से पहले जापान ने मेहमानों के लिए किया ऐसा आविष्कार,जान खुशी से झूम उठेंगे मुसलमान

नई दिल्ली। जापान एक ऐसा देश है जो टेक्नोलॉजी और आविष्कार के मामले में हमेशा से ही अव्वल रहा है। जापान के पास लगभग हर समस्या का समाधान है। नए और अनोखे आविष्कार के मामले में जापान का वाकई में कोई तोड़ नहीं। हाल ही में जापान को एक नई समस्या दिखी, लेकिन यह देश बिना देर किए इसका भी समाधान निकाल लिया।

जैसा कि आप जानते है कि साल 2020 का ओलंपिक खेल जापान में होने वाला है। जिसकी तैयारियां जापान ने अभी से ही शुरू कर दी है।

जाहिर है ओलंपिक के दौरान जापान में कई देशों से मेहमान आएंगे और जापान मेजबानी की तैयारी जोरों-शोरों से कर रहा है।

जब अन्य देशों से लोग आएंगे तो इनमें से कई ऐसे भी होंगे जो इस्लाम धर्म को मानते होंगे। अब मेहमानों को नमाज पढ़ने में कोई दिक्कत न आए इस वजह से जापान ने मोबाइल मस्जिद का निर्माण किया है।

जी हां, टोक्यो की एक स्पोर्ट्स कंपनी ने ट्रक पर ऐसी व्यवस्था की है जहां कई लोग आराम से बैठकर नमाज पढ़ पाएंगे।

याशु पा्रेजेक्ट के सीइओ याशुरू इनोउ का इस बारे में कहना है कि, 2020 में जब दुनियाभर से लोग यहां आएंगे तब नमाज पढ़ने के लिए मस्जिदों की कमी न पड़ जाए इस वजह से मोबाइल मस्जिद का निर्माण किया गया है। यह मोबाइल मस्जिद अलग-अलग जगहों पर जा सकती है।

आपको बता दें कि 25 टन की क्षमता वाले इस ट्रक में 50 लोग एक साथ नमाज पढ़ सकेंगे। ट्रक के बाहर हाथ-मुंह धोने की व्यवस्था भी की गई है। इस सप्ताह पहले मोबाइल मस्जिद का उद्धाटन टोक्यो स्टेडियम के बाहर किया गया। इस समारोह में इंडोनेशिया के कई छात्रों ने हिस्सा लिया।

सीइओ याशुरू इनोउ ने कहा कि, उन्हें मोबाइल मस्जिद बनाने की प्रेरणा कतर की यात्रा के दौरान मिली। पा्रेजेक्ट का लक्ष्य देश में और अन्तर्राष्ट्रीय खेल महोत्सव में मुस्लिम खिलाड़ियों और दर्शकों को नमाज के लिए जगह मुहैया करना है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि, यदि सीरिया से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जाने वाले शरणार्थी, इंडोनेशिया, मध्य पूर्व, मलेशिया और अफ्रीका के लोग इस मोबाइल मस्जिद का उपयोग भविष्य में करते हैं और ऐसा करके वे यदि शान्ति को बढ़ावा देते हैं तो इससे अच्छी बात और क्या होगी।

बता दें, इस वक्त जापान में करीब दो लाख मुस्लिम रहते हैं।