
आधुनिक नर्सिंग की जनक थी महान समाज सुधारक फ्लोरेंस नाइटिंगेल, नर्सिंग क्षेत्र में किए थे कई यादगार काम
नई दिल्ली। फ्लोरेंस नाइटिंगेल का नाम एक आधुनिक नर्सिंग की जनक के रूप में जाना जाता है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को इटली में हुआ था और वो एक समाज सुधारक थीं। फ्लोरेंस नाइटिंगेल प्रेम, दया और सेवा-भाव की प्रति मूर्ति थीं। उनका जन्मदिन हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के तौर पर मनाया जाता है और नर्सिंग क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया जाता है। नर्सिंग क्षेत्र से जुड़ने वाली नई नर्सों को फ्लोरेंस नाइटिंगेल के नाम पर प्लेज भी दिलाई जाती है। उन्होने साल 1960 में लंदन में नर्सिंग स्कूल की स्थापना भी की थी।
हर साल भारत में नर्सिंग क्षेत्र में शानदार काम करने वाली नर्सों को राष्ट्रपति द्वारा नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। कहते हैं कि फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने भारतीय सैनिकों के लिए भी काफी काम किए थे। 1873 में जब उन्होने भारत में काम किया था तब में भारत में सैनिकों की मृत्यु दर 69 से घटकर 18 प्रति हज़ार आ गई थी। क्रीमिया युद्ध में घायल हुए सैनिकों के लिए फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने बहुत काम किया जिसकी वजह से इंग्लैंड ने इनका नाम बहुत प्रसिद्ध हुआ था। फ्लोरेंस नाइटिंगेल को लोग साक्षात देवदूत मानते थे।
युद्ध के दौरान अस्थाई अस्पतालों में फ्लोरेंस ने दुर्गन्ध और चीख-पुकार के बीच हर मरीज़ का भाव के साथ उपचार किया। रात को भी जब सभी चिकित्सक सो रहे होते थे तब फ्लोरेंस हाथों में लैप लेकर एक बिस्तर से दूसरे बिस्तर तक मरीज़ों की जरुरत का ध्यान रखती थी और इस वजह से उन्हे 'द लेडी विद द लेम्प' के उपनाम से जाना जाने लगा और इस नाम से वो बहुत प्रसिद्ध हुई थीं। अपनी काबिलियत की वजह से फ्लोरेंस ने कई लोगों की जान बचाने में कामयाबी हासिल की थी। नर्सिग के अतिरिक्त लेखन पर भी उनका खास ध्यान था।
Published on:
12 May 2019 07:02 am
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