दरअसल, जैसे हम घर में वाईफाई ( wifi ) चलाने के लिए राउटर लगवाते हैं। ठीक इसी तरह मोबाइल में लोगों को इंटरनेट देने का काम मोबाइल टावर करते हैं। जैसे वाईफाई का एक सर्विस प्रोवाइडर है। ठीक वैसे ही इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर यानि आईएसपी होते हैं। मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियां आईएसपी होती हैं। सरकार के पास ऐसा कोई बटन नहीं होता है, जिसे दबाने से इंटरनेट बंद होता हो। बल्कि सरकार आईएसपी कंपनियों को आदेश देती है और इंटरनेट बंद करवा देती है। आईएसपी कंपनियां सरकारी और प्राइवेट दोनों ही हो सकती हैं। जहां सरकारी कंपनियों का पूरा नियंत्रण सरकार के हाथ में है, तो वहीं निजी कंपनियों को सरकार लाइसेंस देती है। वहीं अगर ये सरकार के आदेश का पालन नहीं करेंगी, तो सरकार इनका लाइसेंस रद्द कर सकती है।