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Udupi का कृष्ण मंदिर जहां नौ छिद्रों से होते हैं भगवान के दर्शन, एक झलक पाने के लिए लग जाती है भीड़

कृष्ण का अद्भुत मंदिर जहां नौ छिद्रों से होते हैं भगवान के दर्शन

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Krishna temple of Udupi

Krishna temple of Udupi

नई दिल्ली। दुनिया में यूं तो हजारों की संख्या में मंदिर हैं लेकिन इनमें से कुछ ही मंदिर ऐसे हैं जो अपने चमात्कार के लिए जाने जाते हैं। जहां पर जाने से हो जाते हैं साक्षात भगवान के दर्शन। इन्हीं में से एक हैं कर्नाटक के उडुपी शहर में स्थित कृष्‍ण मंदिर जो अपनी विलक्षणता के लिए जोना-पहचाना जाता है। इस मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिए बड़ी कठिनाई से होकर गुजरना पड़ता है।

यह है मान्‍यता

कर्नाटक के उडुपी शहर में स्थित भगवान कृष्‍ण का मंदिर जिसकी स्‍थापना 13वीं सदी में वैष्‍णव संत श्री माधवाचार्य ने कराई थी। इस मंदिर के पीछे एक कहानी बताई जाती है जिससे यह मंदिर आज लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। बताया जाता है कि इस मंदिर के पास भगवान कृष्‍ण का एक अनन्‍य भक्‍त था जिसका नाम कनक दास था। जो मंदिर के बाहर दिनरात अपने प्रभू के दर्शन करने के लिए खड़ा रहता था, लेकिन किन्‍हीं कारणों से वहां के लोग उन्हें मंदिर में प्रवेश करने नही देते थे। एक बार उनकी तपस्या से खुश होकर स्वंय कन्‍हैया जी उन्हें दर्शन देने के लिए सामने आए। और श्रीकृष्‍ण ने उन्‍हें अपने दर्शन कराने के लिए एक अनोखा रास्‍ता निकाला। भगवान ने मंदिर के पीछे एक खिड़की बना दी, और कहा कि जब भी तुम्हारा मुझे देखने का मन करें इसी खिड़की से तुम मेरे दर्शन कर सकते हो। और तब से लेकर आज तक यह परंपरा चली आ रही है। हर भक्त उसी खिड़की से कन्‍हैया के दर्शन करते हैं।

अद्भुत है मुरलीधर की प्रतिमा

उडुपी के इस मंदिर में श्री कृष्ण के दर्शन के लिए कोई निर्धारित समय नहीं है। भक्त सुबह 6.30 बजे से 1.30 बजे के बाद कभी भी भगवान के दर्शन करने के लिए आ सकता हैं। ज्यादातर सुबह की पूजा 9 से दोपहर 12 बजे के बीच की जाती है। शाम को यदि कोई दर्शन करना चाहता है तो उसे संध्या दर्शन शाम 5 बजे से हो सकते हैं।