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Lal Bahadur Quotes: आज़ादी की रक्षा केवल सैनिकों का काम नहीं है, पूरे देश को मजबूत होना होगा

Lal Bahadur Quotes: 2 अक्टूबर को गांधी जंयती (Gandhi Jayanti) के अलावा लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की जयंती भी मनाई जाती है।

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Vivhav Shukla

Oct 02, 2020

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Lal Bahadur Quotes

Lal Bahadur Quotes: भारत में हर साल 2 अक्टूबर को हम गांधी जंयती (Gandhi Jayanti) मनाते हैं। बापू के अलावा इस दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की जयंती भी मनाई जाती है। उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में दो अक्टूबर, साल 1904 को जन्मे शास्त्री का भी देश की आजादी में बहुत बड़ा योगदान रहा है। वे साल 1920 यानी 16 साल की उम्र में ही भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए थे। शास्त्री ने ही देश को 'जय जवान, जय किसान' का नारा दिया था। आज देश के तीसरे प्रधानमंत्री जयंती के मौके पर हम आपको उनके कुछ अनमोल विचार बताने जा रहे हैं।

Gandhi Jayanti Quote: एक विनम्र तरीके से, आप दुनिया को हिला सकते हैं

1- मेरे विचार से पूरे देश के लिए एक संपर्क भाषा का होना आवश्यक है, अन्यथा इसका तात्पर्य यह होगा कि भाषा के आधार पर देश का विभाजन हो जाएगा। एक प्रकार से एकता छिन्न-भिन्न हो जाएगी। भाषा एक ऐसा सशक्त बल है, एक ऐसा कारक है, जो हमें और हमारे देश को एकजुट करता है। यह क्षमता हिन्दी में है।

2- आर्थिक मुद्दे हमारे लिए सबसे जरूरी हैं, जिससे हम अपने सबसे बड़े दुश्मन गरीबी और बेराजगारी से लड़ सकें।

3- यदि कोई एक व्यक्ति भी ऐसा रह गया जिसे किसी रूप में अछूत कहा जाए तो भारत को अपना सिर शर्म से झुकाना पड़ेगा। हर कार्य की अपनी एक गरिमा है और हर कार्य को अपनी पूरी क्षमता से करने में ही संतोष प्राप्त होता है।

4- मुझे ग्रामीण क्षेत्रों, गांवों में, एक मामूली कार्यकर्ता के रूप में लगभग पचास वर्ष तक कार्य करना पड़ा है, इसलिए मेरा ध्यान स्वतः ही उन लोगों की ओर तथा उन क्षेत्रों के हालात पर चला जाता है। मेरे दिमाग में यह बात आती है कि सर्वप्रथम उन लोगों को राहत दी जाए। हर रोज, हर समय, मैं यही सोचता हूं कि उन्हें किस प्रकार से राहत पहुंचाई जाए।

5- लोगों को सच्चा लोकतंत्र या स्वराज कभी भी असत्य और हिंसा से प्राप्त नहीं हो सकता है।

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6- कानून का सम्मान किया जाना चाहिए ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना बरकरार रहे और ज्यादा मजबूत बने

7- हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं

8- जो शासन करते हैं उन्‍हें देखना चाहिए कि लोग प्रशासन पर किस तरह प्रतिक्रिया करते हैं. अंतत: जनता ही मुखिया होती है

9- देश की तरक्की के लिए हमें आपस में लड़ने के बजाय गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ना होगा। देश के प्रति निष्ठा सभी निष्ठालओं से पहले आती है और यह पूर्ण निष्ठाा है क्यों कि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं कर सकता कि बदले में उसे क्याे मिलता है।

10- जैसा मैं दिखता हूं उतना साधारण मैं हूं नहीं