
कहते है प्रेम करने की कोई उम्र नहीं होती। ऐसा ही कुछ मुंबई के सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार माधव पाटिल के साथ हुआ। वो एक बार प्यार में धोखा खाने के बाद कसम खा चुके थे कि दुबारा न तो कभी प्रेम में पड़ेंगे न ही कभी शादी करेंगे। लेकिन लॉकडाउन में अकेलेपन ने उन्हें इतना अधिक परेशान किया कि उन्होंने आखिर अपनी कसम तोड़ दी और 66 वर्ष की उम्र में विवाह कर ही लिया।
इस कारण खाई थी शादी नहीं करने की कसम
वर्ष 1984 में माधव पाटिल की शादी एक लड़की से फिक्स हो गई थी परन्तु शादी के कुछ दिन पहले ही उस लड़की ने उन्हें धोखा दे दिया और उन्हें छोड़ दिया। इसके बाद माधव ने जीवन में कभी विवाह नहीं करने की शपथ खाई औऱ अपनी मां के साथ उड़ान गांव में काम करने लगे।
मार्च 2020 में कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के बाद घर में उन्हें इतना अधिक अकेलापन अनुभव हुआ कि उन्हें लगने लगा कि काश वह भी विवाह कर लेते और अपने जीवनसाथी के साथ रहते। इसी कारण उन्होंने अपनी कसम तोड़ते हुए फिर से विवाह करने की ठान ली।
44 वर्ष की है उनकी दुल्हन
उनसे विवाह करने वाली लड़की संजना की उम्र 44 वर्ष है। संजना का चार वर्ष पहले पति के साथ तलाक हो गया था। तब से वह अपने भाई के साथ रह रही थी परन्तु कोरोना के कारण उन्हें भाई का भी देहान्त हो गया। इसके बाद उनकी मां को छोड़ उनका साथ देने के लिए कोई नहीं बचा। ऐसे में माधव पाटिल उनका साथ देने के लिए आगे बढ़े।
तीन महीने डेटिंग करने के बाद की शादी
दोनों ने एक-दूसरे से मुलाकात की। तीन महीनों में एक-दूसरे को जाना, समझा और आखिर में 29 अक्टूबर को दोनों ने शादी कर ली। शादी में संजना की मां तथा बहन और माधन की मां शामिल हुई। कुछ नजदीकी दोस्त और पड़ौसी भी शादी में आएं और उन्हें बधाई दी।
Published on:
09 Nov 2020 02:51 pm
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