
हर आदमी का अपना एक अलग फिंगर प्रिंट होता है, जो पूरे विश्व में किसी दूसरे से मैच नहीं होता। फिंगर प्रिंट हमारे शरीर के डीएनए की तरह है जो दूसरों के डीएनए से मिलता-जुलता तो हो सकता है लेकिन पूरी तरह से अलग ही होता है और साफ तौर पर पहचाना जा सकता है। ऐसे ही एक फिंगर प्रिंट की फोटो हमने यहां दी है।
आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि यह फिंगर प्रिंट इस धरती के किसी आदमी का नहीं है वरन इस दुनिया को बनाने वाली प्रकृति का है या यूं भी कह सकते हैं कि ब्रह्माण्ड को रचने वाले भगवान का फिंगर प्रिंट है। सबसे बड़ी बात यह फिंगर प्रिंट आपके हमारे हाथों की अंगूठे की साइज का नहीं है बल्कि एक पूरी की पूरी आकाशगंगा (Galaxy) की साइज से भी बड़ा है। आपको बता दें कि एक आकाशगंगा में हमारे सौरमंडल जैसे लाखों करोड़ों सूरज और सौरमंडल हैं जिनमें पृथ्वी जैसे कितने ग्रह होंगे और कितनों पर जीवन होगा, यह तो सोचना ही नामुमकिन है।
कैसे बने ये फिंगर प्रिंट
दरअसल ये ब्रह्माण्ड की अनंत आकाशगंगाओं में से एक NGC 1068 की इमेज है जो नासा की वेधशाला सोफिया (Stratospheric Observatory for Infrared Astronomy) द्वारा ली गई है। इस इमेज में गैलेक्सी के चुंबकीय क्षेत्र का मैप बनाया गया है, जो कलर इमेज में किसी आदमी के फिंगर प्रिंट की तरह दिखाई दे रहा है। इसे नासा ने गैलेक्सी का मैग्नेटिक फिंगर प्रिंट कहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार हर गैलेक्सी का अपना एक अलग मैग्नेटिक फिंगर प्रिंट होता है, जिसके आधार पर उसकी पहचान की जा सकती है। नासा की इस इमेज को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के बाद मात्र 18 घंटे में ही 14 लाख, 37 हजार से भी अधिक लोगों ने लाइक कर लिया।
क्या काम आती हैं फिंगर प्रिंट जैसी दिखने वाली ये इमेजेज
वास्तव में ये फिंगर प्रिंट जैसी दिखने वाली रेखाएं उस गैलेक्सी के अंदर की चुम्बकीय शक्तियों को दर्शाती हैं। इनसे पता लगता है कि गैलेक्सी के किस हिस्से में कितना चुम्बकीय तथा गुरुत्वीय बल है। इसके आधार पर उस गैलेक्सी का पूरी मैप तैयार कर उसका अध्ययन किया जाता है। इसी के आधार पर डार्क मैटर, नए तारों तथा शक्तिशाली ब्लैक होल्स का पता लगाया जाता है। आम आदमी के हिसाब से भले ही ये एक आकर्षक फोटो मात्र हो सकती है लेकिन अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए तो यह पूरा का पूरा एनसाइक्लोपीडिया है।
24000 प्रकाश वर्ष की दूरी में फैली हुई है यह आकाशगंगा
जिस गैलेक्सी का नासा ने चित्र लिया है, वो गैलेक्सी 24000 प्रकाश वर्ष की चौड़ाई में फैली हुई है। इसका मोटा अंदाजा इस तरह लगा सकते हैं कि अगर हमारे सौरमंडल जैसे अनेकों सौरमंडलों को एक के बाद एक कतार में रखा जाए तो हजारों नहीं लाखों-करोड़ों सौरमंडलों की कतार बन जाएगी। अब आप अंदाजा लगा लीजिए कि भगवान का यह फिंगर प्रिंट साइज में कितना बड़ा है।
Published on:
29 Dec 2020 06:18 pm
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