
किसी भी तरह की पूजा पाठ के लिए नवरात्रों को बहुत ही विशेष माना जाता है। आप भी नवरात्रि में कुछ खास मंत्रों का जप कर अपनी लगभग सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए बहुत ही कठिन विधि-विधान तथा पूजा की आवश्यकता होती है। जानिए नवरात्रि में मां की पूजा किस तरह करनी चाहिए ताकि वह शीघ्रातिशीघ्र प्रसन्न होकर आप पर अनुग्रह कर सकें।
इन मंत्रों के जप से मिलेगा कई गुणा फल
नवरात्रि में किसी भी मंत्र का जप किया जा सकता है चाहे वो भगवान शिव का हो, गुरु से प्राप्त किया गया हो अथवा अन्य किसी उद्देश्य के लिए जप करना हो। फिर भी कुछ मंत्र ऐसे हैं जो तुरंत असर दिखाते हैं और व्यक्ति को सभी प्रकार की समस्याओं से मुक्त कर सकते हैं। जानिए ऐसे ही मंत्रों के बारे में-
ॐ एं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै
इस मंत्र से आद्यशक्ति मां भगवती तुरंत प्रसन्न होती हैं एवं भक्तों की समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए तत्पर रहती हैं। इस मंत्र का जप आरंभ करने से पूर्व किसी विद्वान से इसके जप का विधि-विधान जान लेना चाहिए।
ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्
यह गायत्री मंत्र है। नवरात्रि में इसका 24 हजार जप का पुरश्चरण किया जा सकता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को कई प्रकार की सिद्धियां प्राप्त हो सकती हैं तथा दुर्भाग्य दूर होकर सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है।
नवरात्रि में मंत्र जप के नियम
Published on:
16 Oct 2020 02:37 pm
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