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पानी के संकट से लड़ने के लिए हैदराबाद वालों ने कर लिए हैं इंतज़ाम, आप कब अपना रहे हैं ये आइडिया?

पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए मोटी पाइप से पानी की बौछार की जाती है जिससे पानी की भारी मात्रा में बर्बादी होती है नई तकनीक की मदद से अब बचाया जा रहा कई लीटर पानी
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Priya Singh

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Nov 07, 2019

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नई दिल्ली। भारत में पानी का संकट कैसे कहर बरपा रहा है इस बात से हर कोई वाकिफ है। पानी की बर्बादी का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि चौड़ी सड़कों के किनारे लगाए पेड़-पौधों को पानी के टैंकरों से पानी दिया जाता है। मोटी पाइप से पानी की बौछार की जाती है। अब आप अंदाज़ा लगाएं किस तरह से पानी की बर्बादी होती है। ऐसा ही हाल हर शहर का है लेकिन हैदराबद के लोगों की इसका एक बेहतरीन तोड़ निकाला है।

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पानी की बर्बादी नहीं होती और सड़कों पर भी नहीं लगता जाम

हैदराबाद वाले हर महीने करीब 10 लीटर पानी बचा रहे हैं। तेलंगाना राज्य औद्योगिक अवसंरचना निगम और हैदराबाद के फीनिक्‍स ग्रुप ने मिलकर पानी की इस समस्या का हल निकाला है। इस तरीके से न तो पानी की बर्बादी होती है न ही सड़कों पर जाम लगता है। टैंकर से पानी डालने पर भारी मात्रा में पानी बर्बाद होता है और तेज़ धार से मिट्टी भी कट जाती है। ऐसे में राज्य औद्योगिक अवसंरचना निगम और हैदराबाद के फीनिक्‍स ग्रुप ने क्यारियों के बीच 65 टंकियां बनाई हैं जो 600 लीटर की हैं। ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए रात में ही इन टंकियों में पानी भर दिया जाता है। ड्रिप सिस्‍टम की मदद से पौधों को पानी पहुंचाया जाता है।

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हर महीने 10 लाख लीटर पानी की बचत होती है

इतना ही नहीं पानी की बर्बादी और मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए कुछ लोगों को भर्ती भी किया गया है। ये पेड़-पौधों की देखभाल करते हैं। इस आइडिया से पहले हर महीने 18 लाख लीटर पानी खर्च होता था वहीं अब सिंचाई 8 लाख लीटर पानी में ही हो जाती है।

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