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इस घर के लोग करते हैं तेलंगाना में डिनर, तो महाराष्ट्र में बिताते हैं रात, जानें क्यों?

आज हम आपको एक ऐसे घर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका दो राज्यों में बंटवारा हो रखा है। इस घर के सदस्यों को एक तरफ जहां खाना खाने के लिए तेलगांना जाना पड़ता है तो वहीं सोने के लिए महाराष्टर में जाना पड़ता है। इस परिवार को दोनों राज्यों में टैक्स भी भरना पड़ता है।

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Archana Keshri

Dec 16, 2022

Unique House At Maharashtra Telangana Border, Divided by Chalk Mark

Unique House At Maharashtra Telangana Border, Divided by Chalk Mark

महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच जारी सीमा विवाद की आग लगातार बढ़ती ही जा रही है। तेलंगाना से सटे कुछ गांवों की ओर से उन्हें अलग करने की मांग की गई है। बताया गया है कि तेलंगाना से सटे महाराष्ट्र के 14 गांव के लोगों ने मांग उठाई है कि उन्हें तेलंगाना में मिला दिया जाए। वहीं इन विवादों के बीच एक ऐसा घर भी चर्चा में आ गया है जो दोनों राज्यों की सीमाओं को छूती है। महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले का एक ऐसा परिवार भी है जिसके घर का किचन तेलंगाना में है तो बेडरूम और अन्य कमरे महाराष्ट्र में है। इस घर के लोगों को खाना खाने के लिए जहां तेलगांना जाना पड़ता है तो वहीं सोने के लिए दूसरे राज्य में जाना पड़ता है।


इस घर के मालिक का नाम उत्तम पवार है। उनके घर की दीवार पर चॉक से दोनों राज्यों की सीमा रेखा खींची गई है और रेखा के दोनों ओर तेलगांना और महाराष्ट्र लिखा हुआ है। 13 सदस्यीय परिवार 14 गावों में एक दूसरे के साथ दो राज्यों के बीच संघर्ष की अजीब भावना का अनुभव कर रहा है। मकान के मालिक उत्तम पवार ने मीडिया को बताया कि मकान में 8 कमरे हैं, इनमें से 4 कमरे तेलगांना में है और बाकी 4 महाराष्ट्र मे।


ये परिवार इस मकान में वर्षों से रह रहा है। उत्तम ने बताया कि सीमा सर्वेक्षण 1969 में किया गया था। इस दौरान हमारा आधा घर महाराष्ट्र और आधा तेलंगाना में चला गया। हम इससे परेशान नहीं है। लेकिन हम दोनों राज्यों की ग्राम पंचायतों में टैक्स भरते हैं। इसके अलावा वह तेलंगाना सरकार की कई योजनाओं का भी लाभ उठाते हैं। मकान के मालिक के अनुसार वे दोनों राज्यों के कल्याणकारी कार्यक्रमों से लाभ प्राप्त करते है और यहां तक कि उनके पास महाराष्ट्र और तेलंगाना पंजीकरण प्लेट वाले वाहन भी है।


बता दें, 1969 में जब सीमा विवाद सुलझा तो पवार परिवार की जमीन दो राज्यों में बंट गई। नतीजा यह हुआ कि घर भी बंट गया। ये घर चंद्रपुर में है और कानूनी तौर पर ये गांव भले ही महाराष्ट्र का हिस्सा है, मगर तेलंगाना सरकार इन गांवो के लोगों को अपनी येजनाओं से लगातार आकर्षित कर रही है। इस परिवार के अलावा इस गांव के बाकी लोग भी तेलंगाना सरकार की समाज कल्याण योजना का लाभ उठा रहे हैं।

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