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MP वाकई गज़ब है, संविधान की शपथ लेकर हुई शादी

आमतौर पर भारतीय परिवार में शादी की रस्मों का बड़ा महत्व होता है, लेकिन इस नए शादीशुदा जोड़े ( Married Couple ) ने अलग ढंग से शादी कर समाज के सामने अलग मिसाल पेश की।
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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) के सीहोर ( Sehore ) जिले में एक अनोखी शादी ( Marriage ) देखने को मिली। इस शादी की सबसे खास बात ये रही कि इसमें किसी भी तरह की वैवाहिक रस्में नहीं हुईं। शादी के बंधन में बंधे जोडे़ ने संविधान ( Constitution ) की शपथ लेकर जीवन भर एक-दूसरे के साथ रहने का संकल्प लिया।

विष्णु प्रसाद दोहरे के पुत्र हेमंत ( Hemant ) और जयराम भास्कर की पुत्री मधु ( Madhu ) रविवार को परिणय सूत्र में बंधे। इस अनोखी शादी की चर्चा इसलिए भी चारों ओर हो रही है क्योंकि विवाह समारोह में न मांग में सिंदूर भरा गया और न ही मंगलसूत्र पहनाया गया। इसके साथ ही अग्नि के सात फेरे भी विवाह में देखने को नहीं मिले।

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दूल्हा हेमंत हाथ में संविधान की किताब लेकर वधु के घर पहुंचा। मंच पर एक व्यक्ति ने नए शादीशुदा जोड़े को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। दूल्हे हेमंत ने अलग तरह से शादी के बंधन में बंधने पर कहा कि संविधान हमें सम्मान दिलाता है, इसलिए शादी में संविधान की प्रस्तावना की शपथ ली।

हेमंत और मधु की शादी के खास अंदाज पर सोशल मीडिया पर भी कई प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोगों ने वर-वधू की जमकर प्रशंसा की और उन्हें उनके वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दी। इसके अलावा कई लोगों ने इस शादी को हमारे समाज के लिए एक बेहतरीन मिसाल करार दिया।